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#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी #📖 कविता और कोट्स✒️
✍️ अनसुनी शायरी - Poetry Info नास शर्र यालत ख ೫ ೯# इश्क किया था हमने भी रातों को जागे थे... था कोई जिसके पीछे हम भी नग्गे पाऊँ भागे थे..!! Poetry Info नास शर्र यालत ख ೫ ೯# इश्क किया था हमने भी रातों को जागे थे... था कोई जिसके पीछे हम भी नग्गे पाऊँ भागे थे..!! - ShareChat