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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - "फ़राज़" साहब का एक बहतरीन शेर अर्ज़ है ! उसने मुझे छोड़ दिया तो क्या हुआ "फ़राज़" అకT मैंने भी तो था सारा ज़माना लिए उसके ...!! "फ़राज़" साहब का एक बहतरीन शेर अर्ज़ है ! उसने मुझे छोड़ दिया तो क्या हुआ "फ़राज़" అకT मैंने भी तो था सारा ज़माना लिए उसके ...!! - ShareChat