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#❤️जीवन की सीख : #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 : --- यहाँ महात्मा गांधी जी के अनुसार दैनिक जीवन, अनुशासन का अर्थ, और दैनिक अनुशासन के नियम को प्रस्तुत किया गया है। --- 1. गांधी जी के अनुसार रोज़ का दैनिक जीवन कैसा होना चाहिए महात्मा गांधी जी के अनुसार मनुष्य का दैनिक जीवन सत्य, सादगी और सेवा पर आधारित होना चाहिए। उनका मानना था कि अच्छा जीवन वही है जिसमें विचार, वचन और कर्म में एकता हो। गांधी जी के अनुसार: जीवन सरल और संयमित होना चाहिए हर कार्य सत्य और ईमानदारी से करना चाहिए दूसरों की सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाना चाहिए श्रम (मेहनत) और आत्मनिर्भरता को अपनाना चाहिए उनका कहना था कि जैसा जीवन, वैसा चरित्र बनता है, इसलिए रोज़मर्रा की आदतें ही व्यक्ति को अच्छा या पतित बनाती हैं। --- 2. गांधी जी के अनुसार अनुशासन क्या है गांधी जी के अनुसार अनुशासन का अर्थ है — स्वेच्छा से स्वयं पर नियंत्रण रखना। उनके लिए अनुशासन: डर या दबाव से नहीं बल्कि आत्मसंयम और आत्मनियंत्रण से आता है गांधी जी मानते थे कि: सच्चा अनुशासन बाहर से नहीं थोपा जाता वह अंतरात्मा की आवाज़ से पैदा होता है अनुशासन का उद्देश्य चरित्र निर्माण है उनका प्रसिद्ध विचार है कि बिना अनुशासन स्वतंत्रता अराजकता बन जाती है। --- 3. गांधी जी के अनुसार दैनिक अनुशासन के नियम (दैनिक जीवन में अपनाने योग्य नियमों की सूची) गांधी जी स्वयं इन नियमों का पालन करते थे और दूसरों को भी प्रेरित करते थे: 1. सत्य बोलना और सत्य का पालन करना 2. अहिंसा का पालन करना (विचार, वचन और कर्म से) 3. प्रातः जल्दी उठना और समय का सदुपयोग 4. शारीरिक श्रम करना (जैसे सफाई, कामकाज) 5. सादा भोजन और सादा वस्त्र पहनना 6. स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना 7. नशे और बुरी आदतों से दूर रहना 8. स्वावलंबी बनना (अपने काम स्वयं करना) 9. प्रार्थना और आत्मचिंतन करना 10. अनावश्यक इच्छाओं पर नियंत्रण रखना 11. सभी के प्रति प्रेम और सहिष्णुता रखना 12. समय पर सोना और समय पर उठना --- निष्कर्ष महात्मा गांधी जी के अनुसार: अनुशासित दैनिक जीवन ही सच्चे चरित्र का आधार है सत्य, अहिंसा, संयम और सेवा से जीवन महान बनता है अनुशासन केवल नियम नहीं, बल्कि जीने की सही पद्धति है ---