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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - जातिवाद , गिरते मूल्यों और परंपराओं, बढ़ते टूटती सभ्यताओं को सहेजना होगा। एक व्यापक राष्ट्रीय संगठन की स्थापना करनी होगी , अच्छे और बुरे की प्रचलित धारणा को बदलना होगा। नेताजी के इन शब्दों को हमें पुनः दोहराना और स्वीकारना होगा कि 'स्मरण रखें, अपनी समवेत चेष्टा द्वारा हमें भारत में नए शक्ति-संपन्न राष्ट्र का निर्माण करना है। पाश्चात्य हमारे समाज में गहराई तक घुसकर धन-्जन सभ्यता का संहार कर रही है। हमारा व्यवसायन्वाणिज्य, धर्म-कर्म , शिल्पकला नष्टप्राय हो रहे हैं इसलिए जीवन के सभी क्षेत्रों में पुनः मृत संजीवनी का संचार करना है। यह संजीवनी कौन लाएगा?' ऐसे स्वाधीनता महासंग्राम के महायज्ञ में प्रमुख पुरोहित की भूमिका निभाने वाले नेताजी की मृत्यु १८ अगस्त १९४५ को बैंकॉक से टोकियो जा रहे विमान # కెక్షI दुर्घटना  आप सभी देशवासियों को नेताजी की जयंती के शुभ हार्दिक बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएं। अवसर पर जातिवाद , गिरते मूल्यों और परंपराओं, बढ़ते टूटती सभ्यताओं को सहेजना होगा। एक व्यापक राष्ट्रीय संगठन की स्थापना करनी होगी , अच्छे और बुरे की प्रचलित धारणा को बदलना होगा। नेताजी के इन शब्दों को हमें पुनः दोहराना और स्वीकारना होगा कि 'स्मरण रखें, अपनी समवेत चेष्टा द्वारा हमें भारत में नए शक्ति-संपन्न राष्ट्र का निर्माण करना है। पाश्चात्य हमारे समाज में गहराई तक घुसकर धन-्जन सभ्यता का संहार कर रही है। हमारा व्यवसायन्वाणिज्य, धर्म-कर्म , शिल्पकला नष्टप्राय हो रहे हैं इसलिए जीवन के सभी क्षेत्रों में पुनः मृत संजीवनी का संचार करना है। यह संजीवनी कौन लाएगा?' ऐसे स्वाधीनता महासंग्राम के महायज्ञ में प्रमुख पुरोहित की भूमिका निभाने वाले नेताजी की मृत्यु १८ अगस्त १९४५ को बैंकॉक से टोकियो जा रहे विमान # కెక్షI दुर्घटना  आप सभी देशवासियों को नेताजी की जयंती के शुभ हार्दिक बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएं। अवसर पर - ShareChat