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#मन की बात
मन की बात - कभी कभी रात को नींद नहीं आती है, मन बहुत परेशान सा हो जाता है, लाख कोशिश करने के बाद भी नींद नहीं आती है कहीं जी ही नहीं समाता है, पुरी रात उलझन में ही गुजरती है सिर भी दर्द करने लगता है, ऐसा दिल करता है कहाँ चले जाएं कि सुकुन मिल जाये.... ! ! फोन को भी चलाने का दिल नहीं करता है, घर में सबके होने के बावजूद भी बहुत अकेलापन सा लगता है, पुरी रात आंखों लिए में नमी तकते तकते 8, गुजरती और फिर सुबह चेहरे पे झूठी मुस्कुराहट सजाये सबके सामने नजर आते है ऐसा जैसे कुछ हुआ ही नहीं है..! लगता है कभी कभी रात को नींद नहीं आती है, मन बहुत परेशान सा हो जाता है, लाख कोशिश करने के बाद भी नींद नहीं आती है कहीं जी ही नहीं समाता है, पुरी रात उलझन में ही गुजरती है सिर भी दर्द करने लगता है, ऐसा दिल करता है कहाँ चले जाएं कि सुकुन मिल जाये.... ! ! फोन को भी चलाने का दिल नहीं करता है, घर में सबके होने के बावजूद भी बहुत अकेलापन सा लगता है, पुरी रात आंखों लिए में नमी तकते तकते 8, गुजरती और फिर सुबह चेहरे पे झूठी मुस्कुराहट सजाये सबके सामने नजर आते है ऐसा जैसे कुछ हुआ ही नहीं है..! लगता है - ShareChat