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#जय श्री कृष्ण कन्हैया
जय श्री कृष्ण कन्हैया - Hira क्ररोथ आग की तरह नहीं, आंथी की तरह आता है = वह सिर्फ शासने वाले को नहीं, सबसे पहले अपने ही मन की शांति को तोइ देता है। शब्द तीर वनकर निकलते हैँ, ओर पचतावा देर से पहुंचता है। इसलिए वुद्षिपान वहीं है जो कोथ के पहले एक पल रुक जाए, वर्यौँकि जिसने खयं पर विजय पा ली = उसे द्ुनिया हराने की शलि नहीं रखती | Hira क्ररोथ आग की तरह नहीं, आंथी की तरह आता है = वह सिर्फ शासने वाले को नहीं, सबसे पहले अपने ही मन की शांति को तोइ देता है। शब्द तीर वनकर निकलते हैँ, ओर पचतावा देर से पहुंचता है। इसलिए वुद्षिपान वहीं है जो कोथ के पहले एक पल रुक जाए, वर्यौँकि जिसने खयं पर विजय पा ली = उसे द्ुनिया हराने की शलि नहीं रखती | - ShareChat