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News Today - आपका मोबाइल ही बन जाएगा राशन कार्ड जागरण ब्यूरा नईदिल्ली कागजी राशन कार्ड नहीं रखना अंगूठा लगाने से पडेगा बार-बार मुपत अनाज योजन के तहत रशन भी छुटकारा  लेने का तरीका अब पूरी तरह बदलने पात्र परिवारों के मोबाइल में प्रत्येक  की तैयरी है। केंद्र सरकार डिजिटल महीनेजमा होजाएंगे डिजिटल फूड   कूपन शुरू करने जा रही है॰ जिससे लोगों को राशन लेने के लिए फूड कूपन नतो कागजी राशन कार्ड साथ खखन पड़ेगा। न ही बार-्बार मशीन पर अंगूठा लगाना होगा। आन वाल समय का मौबाइल फोन ही राशन স लाभार्थी कार्ड को तरह काम करेगा। सरकार का |নিনতো  मकसद है कि राशन की प्रक्रिय सरल, पारदर्शा व भरोसेमंद बने ताकि आम आदमी को लाइन लगन एव तकनीका दिक्कतों से राहत मिल सके। মনাকামক यह व्यवस्था भारतीय रिजर्व बैंक (आखीआइ ভিনিল करेस কা अनाज की हेराफेरी की पर आधारित होगी। इसे डिजिटल फूड  गुंजाइश होगी कम कूपन कहा जा रहा है। यह पहली बार अभी राशन व्यवस्था में अंगूठे का निशान होेगा जब केंद्रीय बैंक को डिजिटल मुद्र  का उपयोग सीधे सर्वजनिक वितरण नहीं मिलने मशीन खराबहोने या गलत प्रविष्टि जैसी शिकायतें आती हें। क्यूआर किया प्रणाली जाएगा।  प्रधानमंत्री कोड से राशन मिलने पर ऐसी दिक्कते गराब कल्याण अन्न योजना व राष्ट्रीय तहत मिलने वाले खत्म हा सकती हें।साथही लेन- कानून के खाद्य सुरक्षा को इन कूपनें से जोड़ा जाएगा।  डिजिटल रिकार्ड रहने से अनाज की अनाज मतलब जो अधिकार अभी राशन कार्ड हेराफेरी और फर्जी लभ उठाने की गुंजाइश  से मिलते है॰ बही अब मौबाइल वालेट भी कमहोगी ।प्रयोग सफल रहा ता आम मौजूद कूपन के रूप में मिलेंगे। आदमी के नसिर्फ समय की॰ बल्कि मेहनत ऐसे काम करेगी नई चवस्थाः नई की भी बचतहोगी ।उस भरोसाहोगा  व्यवस्था में पात्र परिवारों के मोबाइल उसके हिस्से का अनज मिलने में कोई फोन में हर महीने डिजिटल फूड कूपन दिक्कत नरहं होगी जमा कर दिए जाएंगे। ये कूपन खास तरह के वालेट में रहेंगे जिन्हें केवल तीन जितों में शुरू होगा पायतट प्रोजेक्ट राशन की दुकान पर ही इस्तेमाल किय तहत   अभी पायलट   प्रोजवट   के चंदीगद जा सकेगा। लाभार्थी जब उचित मूल्य  और गुजरात के तीन पुडचेरा  = 5 ஈ எரா 7் 5# जिलों आनंद साबरमती और दाहोद से के पास लगे क्यूआर कोड को अपने शुरुआत होनी है। पहले चरण में बहुत  मोबाइल से स्कैन करेग। स्कैन होते कम संख्या में लोगों को शमिल किया ही कूपन कट जाएंगे और राशन मिल जा रहा है॰ ताकि समझा जा सके कि॰ जाएगा। न कार्ड दिखाने की जरूसत नेटवर्क , मोबाइल इस्तेमाल और दुकानें होगी और न ही अंगूठा लगाने की पर व्यवस्था लागू करने में किस तरह की दिव्कतें आती हैं। इन्हीं मजबूरी। पूर लेनन्देन अपने अनुभवों आप बाद में इस माडल को पूरे रिकार्ड हो जाएगा | आधार पर अभी चंडीगढ़ पुडुचेरी व गुजरात के देश में लागू किया जाएगा  आपका मोबाइल ही बन जाएगा राशन कार्ड जागरण ब्यूरा नईदिल्ली कागजी राशन कार्ड नहीं रखना अंगूठा लगाने से पडेगा बार-बार मुपत अनाज योजन के तहत रशन भी छुटकारा  लेने का तरीका अब पूरी तरह बदलने पात्र परिवारों के मोबाइल में प्रत्येक  की तैयरी है। केंद्र सरकार डिजिटल महीनेजमा होजाएंगे डिजिटल फूड   कूपन शुरू करने जा रही है॰ जिससे लोगों को राशन लेने के लिए फूड कूपन नतो कागजी राशन कार्ड साथ खखन पड़ेगा। न ही बार-्बार मशीन पर अंगूठा लगाना होगा। आन वाल समय का मौबाइल फोन ही राशन স लाभार्थी कार्ड को तरह काम करेगा। सरकार का |নিনতো  मकसद है कि राशन की प्रक्रिय सरल, पारदर्शा व भरोसेमंद बने ताकि आम आदमी को लाइन लगन एव तकनीका दिक्कतों से राहत मिल सके। মনাকামক यह व्यवस्था भारतीय रिजर्व बैंक (आखीआइ ভিনিল करेस কা अनाज की हेराफेरी की पर आधारित होगी। इसे डिजिटल फूड  गुंजाइश होगी कम कूपन कहा जा रहा है। यह पहली बार अभी राशन व्यवस्था में अंगूठे का निशान होेगा जब केंद्रीय बैंक को डिजिटल मुद्र  का उपयोग सीधे सर्वजनिक वितरण नहीं मिलने मशीन खराबहोने या गलत प्रविष्टि जैसी शिकायतें आती हें। क्यूआर किया प्रणाली जाएगा।  प्रधानमंत्री कोड से राशन मिलने पर ऐसी दिक्कते गराब कल्याण अन्न योजना व राष्ट्रीय तहत मिलने वाले खत्म हा सकती हें।साथही लेन- कानून के खाद्य सुरक्षा को इन कूपनें से जोड़ा जाएगा।  डिजिटल रिकार्ड रहने से अनाज की अनाज मतलब जो अधिकार अभी राशन कार्ड हेराफेरी और फर्जी लभ उठाने की गुंजाइश  से मिलते है॰ बही अब मौबाइल वालेट भी कमहोगी ।प्रयोग सफल रहा ता आम मौजूद कूपन के रूप में मिलेंगे। आदमी के नसिर्फ समय की॰ बल्कि मेहनत ऐसे काम करेगी नई चवस्थाः नई की भी बचतहोगी ।उस भरोसाहोगा  व्यवस्था में पात्र परिवारों के मोबाइल उसके हिस्से का अनज मिलने में कोई फोन में हर महीने डिजिटल फूड कूपन दिक्कत नरहं होगी जमा कर दिए जाएंगे। ये कूपन खास तरह के वालेट में रहेंगे जिन्हें केवल तीन जितों में शुरू होगा पायतट प्रोजेक्ट राशन की दुकान पर ही इस्तेमाल किय तहत   अभी पायलट   प्रोजवट   के चंदीगद जा सकेगा। लाभार्थी जब उचित मूल्य  और गुजरात के तीन पुडचेरा  = 5 ஈ எரா 7் 5# जिलों आनंद साबरमती और दाहोद से के पास लगे क्यूआर कोड को अपने शुरुआत होनी है। पहले चरण में बहुत  मोबाइल से स्कैन करेग। स्कैन होते कम संख्या में लोगों को शमिल किया ही कूपन कट जाएंगे और राशन मिल जा रहा है॰ ताकि समझा जा सके कि॰ जाएगा। न कार्ड दिखाने की जरूसत नेटवर्क , मोबाइल इस्तेमाल और दुकानें होगी और न ही अंगूठा लगाने की पर व्यवस्था लागू करने में किस तरह की दिव्कतें आती हैं। इन्हीं मजबूरी। पूर लेनन्देन अपने अनुभवों आप बाद में इस माडल को पूरे रिकार्ड हो जाएगा | आधार पर अभी चंडीगढ़ पुडुचेरी व गुजरात के देश में लागू किया जाएगा - ShareChat