कटने को हर लम्हा उम्र गुजर ही जाएगी
महफ़िलों से इसे ज़िन्दगी बनाकर तो देखो
मिज़ाज पुरसी का एहसान किए जाते हो
कभी यूँही दिल पर हाथ लगाकर तो देखो
फासलों की बस्तियाँ बना कर भी जी लेंगे
मिट भी जाएँगी उन को मिटाकर तो देखो
आईना हक़ीक़त बयाँ कर ही देगा 'अंजुम'
तन्हाई में कभी नज़र मिला कर तो देखो
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️

