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#ये है जिंदगी
ये है जिंदगी - के महलों में जी टूसरों हुज़्ूरी करने से कहीं बेहतर है; अपनी झोपड़ी का बादशह बने रहना क्योंकि गुलामी के रेशमी बिस्तर से, आजादी की सूखी जमीन कहीं ज्यादा सुकून देती है। श्याम बिरना के महलों में जी टूसरों हुज़्ूरी करने से कहीं बेहतर है; अपनी झोपड़ी का बादशह बने रहना क्योंकि गुलामी के रेशमी बिस्तर से, आजादी की सूखी जमीन कहीं ज्यादा सुकून देती है। श्याम बिरना - ShareChat