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#right 100%
right 100% - पाप शरीर पर लगी धूल नहीं, मन पर लगा बोझ है। और मन का बोझ नदी से नहीं, आत्ममंथन से धुलता है। उदाहरणः अगर कोई व्यक्ति गंगा में लगाकर बाहर आकर भी ತಳಫ झूठ बोले, किसी का हक छीने, को धोखा दे दूसरों  तो पानी उसके शरीर को छुएगा , मन को नहीं। शरीर गीला, मन वही मैला। पाप शरीर पर लगी धूल नहीं, मन पर लगा बोझ है। और मन का बोझ नदी से नहीं, आत्ममंथन से धुलता है। उदाहरणः अगर कोई व्यक्ति गंगा में लगाकर बाहर आकर भी ತಳಫ झूठ बोले, किसी का हक छीने, को धोखा दे दूसरों  तो पानी उसके शरीर को छुएगा , मन को नहीं। शरीर गीला, मन वही मैला। - ShareChat