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#प्रश्न विचारणीय है
प्रश्न विचारणीय है - द्वेषः कस्य न दोषाय प्रीतिः कस्य न भूतये। दर्पः कस्य न पाताय नोन्नत्यै कस्य नम्रता । ] द्वेष करने से किसमे दोष नहीं आ जाता? प्रेम से किसकी उन्नति नहीं होती? अभिमान से किसका पतन नहीं हो सकता? और नम्रता से किसकी उन्नति नहीं हो सकती | द्वेषः कस्य न दोषाय प्रीतिः कस्य न भूतये। दर्पः कस्य न पाताय नोन्नत्यै कस्य नम्रता । ] द्वेष करने से किसमे दोष नहीं आ जाता? प्रेम से किसकी उन्नति नहीं होती? अभिमान से किसका पतन नहीं हो सकता? और नम्रता से किसकी उन्नति नहीं हो सकती | - ShareChat