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"धर्मशास्त्र में गृहस्थ आश्रम को पिता के तुल्य बताया गया हैं क्योंकि यह सेवा करने वाला आश्रम है" 🌼 राजेंद्र दास जी महाराज #मेरी_पसंद_VD 🎶🎵