ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ अनसुनी शायरी #✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #💓 दिल के अल्फ़ाज़ #📜 Whatsapp स्टेटस
✍️ अनसुनी शायरी - देखकर इन्सान पहचानने की "कला" थी चेहरा मुझमें इन्सानों के पास _ तकलीफ़ तो तब हुई यारों, जब. चेहरे " बहुत" दिखे....!!! देखकर इन्सान पहचानने की "कला" थी चेहरा मुझमें इन्सानों के पास _ तकलीफ़ तो तब हुई यारों, जब. चेहरे " बहुत" दिखे....!!! - ShareChat