ShareChat
click to see wallet page
search
#Jai Shri Radhe
Jai Shri Radhe - मौनी असावस्या में कहा गया है महाभारत कि माघ मास के दिनों में अनेक तीर्थों का समागम होता है॰ वहीं पद्मपुराण में उल्लेख है कि अन्य मास में जप, तप और दान से विष्णु  उतने प्रसन्न नहीं সানান होते जितने कि॰वे माघ मास में स्नान करने से होते हैं। यही वजह है कि प्राचीन ग्रंथों में नारायण को पाने का सुगम मार्ग माघ मास  के पुण्य  स्नान को बताया गया है, विशेषकर मौनी अमावस्या को किया गया गंगा है। खास बार्तें इसके बारे में- स्नान खास महत्व का माना गया ०१. माघ मास में पवित्र नदियों में स्नान करने से एक विशेष ऊर्जा प्राप्त होती है। अमावस्या के दिन जपन्तप ध्यान॰्पूजन करने से विशेष धर्म लाभ 02. प्राप्त होता है। ०३. मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर आचरण तथा स्नानन्दान करने का विशेष महत्व है। ०४. शास्त्रों में वर्णित है कि माघ मास में पूजन अर्चन व नदी स्नान करने से भगवान नारायण को प्राप्त किया जा सकता है तथा इन दिनों नदी में स्नान करने से स्वर्ग प्राप्ति का मार्ग मिल जाता है। घर पर स्नान करके अनुष्ठान करने वालों को पानी में थोड़ा-सा  05. गंगाजल मिलाकर तीर्थों का आह्वान करते हुए स्नान करना चाहिए।  ०६. इस दिन सूर्यनारायण को अर्घ्य देने से गरीबी - दरिद्रता दूर होती है।  ०७. जिन लोगों का चन्द्रमा कमजोर है॰ वह गाय को दही और चावल खिलाएं तो मानसिक शांति प्राप्त होगी।  ०८. अमावस्या के दिन १०८ बार परिक्रमा करें। तुलसी  ०९. इसके अलावा मंत्र जाप सिद्धि साधना एवं दान कर मौन व्रत को करने से पुण्य प्राप्ति और भगवान का आशीर्वाद मिलता है।  धारण जय जय श्री राधै शीजीकीचरण सेवा मौनी असावस्या में कहा गया है महाभारत कि माघ मास के दिनों में अनेक तीर्थों का समागम होता है॰ वहीं पद्मपुराण में उल्लेख है कि अन्य मास में जप, तप और दान से विष्णु  उतने प्रसन्न नहीं সানান होते जितने कि॰वे माघ मास में स्नान करने से होते हैं। यही वजह है कि प्राचीन ग्रंथों में नारायण को पाने का सुगम मार्ग माघ मास  के पुण्य  स्नान को बताया गया है, विशेषकर मौनी अमावस्या को किया गया गंगा है। खास बार्तें इसके बारे में- स्नान खास महत्व का माना गया ०१. माघ मास में पवित्र नदियों में स्नान करने से एक विशेष ऊर्जा प्राप्त होती है। अमावस्या के दिन जपन्तप ध्यान॰्पूजन करने से विशेष धर्म लाभ 02. प्राप्त होता है। ०३. मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर आचरण तथा स्नानन्दान करने का विशेष महत्व है। ०४. शास्त्रों में वर्णित है कि माघ मास में पूजन अर्चन व नदी स्नान करने से भगवान नारायण को प्राप्त किया जा सकता है तथा इन दिनों नदी में स्नान करने से स्वर्ग प्राप्ति का मार्ग मिल जाता है। घर पर स्नान करके अनुष्ठान करने वालों को पानी में थोड़ा-सा  05. गंगाजल मिलाकर तीर्थों का आह्वान करते हुए स्नान करना चाहिए।  ०६. इस दिन सूर्यनारायण को अर्घ्य देने से गरीबी - दरिद्रता दूर होती है।  ०७. जिन लोगों का चन्द्रमा कमजोर है॰ वह गाय को दही और चावल खिलाएं तो मानसिक शांति प्राप्त होगी।  ०८. अमावस्या के दिन १०८ बार परिक्रमा करें। तुलसी  ०९. इसके अलावा मंत्र जाप सिद्धि साधना एवं दान कर मौन व्रत को करने से पुण्य प्राप्ति और भगवान का आशीर्वाद मिलता है।  धारण जय जय श्री राधै शीजीकीचरण सेवा - ShareChat