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"झंझट टाइम्स" समाचारपत्र (समस्तीपुर/ बिहार) 😇 #साहित्य #हिंदी साहित्य #literature
साहित्य - 8 7101 1  @ প কাং  ನ . परछाई जे टी न्यूज फिर ,   माँ, तेरी गोद में रख सिर। चाहता है सोना, گ दिल, मांगे वो ही "बिछौना"  3 बिना मिलावट , రౌ देता, भगा सारी थकावट| सभी कुछ समेट, बाँटता खुशियां बाहें लपेट| 3 हुआ जब कत्ल, 3 उम्मीदों का, गये निकल। 3 मगर तेरी, परछाई, ؟ चली संग बन सदा पुरवाई। ब बिन छोड़़े अकेले, ج के प्रत्येक झमेले। ؟٦٢ 314, अब की बार, आशीषरूपी हाथ, लेेंगे थाम, बिन हुए तैयार । क ফ্ থাম ৪ংসে লম মাথ | چ नवनीत गिल के मुखौटे , সিল  ( इतिहास, राजनीति ؟٩٠؟ 3 देते रोज नईं चोटें | बी॰एड, शास्त्र ) , UTUక; ఢౌ देखे मायूस "गिल"  एल.एल.बी| ह ख़्वाब, जाती जिनमें मिल। पर्व प्राचार्य ड आँख @7 पर, सीबीएसई   विद्यालय (उत्तर लापता हो, ढाती कहर। प्रदेश ) 8 7101 1  @ প কাং  ನ . परछाई जे टी न्यूज फिर ,   माँ, तेरी गोद में रख सिर। चाहता है सोना, گ दिल, मांगे वो ही "बिछौना"  3 बिना मिलावट , రౌ देता, भगा सारी थकावट| सभी कुछ समेट, बाँटता खुशियां बाहें लपेट| 3 हुआ जब कत्ल, 3 उम्मीदों का, गये निकल। 3 मगर तेरी, परछाई, ؟ चली संग बन सदा पुरवाई। ब बिन छोड़़े अकेले, ج के प्रत्येक झमेले। ؟٦٢ 314, अब की बार, आशीषरूपी हाथ, लेेंगे थाम, बिन हुए तैयार । क ফ্ থাম ৪ংসে লম মাথ | چ नवनीत गिल के मुखौटे , সিল  ( इतिहास, राजनीति ؟٩٠؟ 3 देते रोज नईं चोटें | बी॰एड, शास्त्र ) , UTUక; ఢౌ देखे मायूस "गिल"  एल.एल.बी| ह ख़्वाब, जाती जिनमें मिल। पर्व प्राचार्य ड आँख @7 पर, सीबीएसई   विद्यालय (उत्तर लापता हो, ढाती कहर। प्रदेश ) - ShareChat