ShareChat
click to see wallet page
search
#अनन्त जीवन के वचन #JESUSCHRiST #पवित्र बाइबल वचन 🙏 #✝️ ईसा मसीह ✝️GOD ✝️ पवित्र बाइबिल✝️ यीशु वचन ✝️ प्रेयर ✝️ #Jesus is coming
अनन्त जीवन के वचन - ODaily Bread तू मनुर्ष्यों को जिवता पकडा करेगा.. अबसे प्रभु येशू मसीह ने शमौन (पतरस) को मछलियों के द्वारा भौतिक आशिष दी थी। परन्तु इसके पश्चात उससे कहा कि अब से तू मनुष्यों को जीवता पकड़ा करेगा और हम देखते हैं कि तभी शमौन और उसके साथी अपने नावों को किनारे पर ले आए और सबकुछ छोड़कर उसके पीछे हो लिए उसे अवश्य है कि वे (লুব্ধা 591-11)] হমলিত নিম এমেধ্ব ন चुना है परमेश्वर के राज्य के लिए मनुष्यों को जिवता ( मसीह में) पकड़े; यदि वे उन्हें मछली समझकर पकड़े तो वे मृत पाई जाएगी और हम परमेश्वर के आत्मा के बिना किसी में जीवन नहीं डाल सकते है। अर्थात यदि हम प्रभु येशू {ক্লি ঘল্ুবী?ু মলী বvবিন গারাঃ কীবিয্মকী  मसीह को अपनी नाव में लिए और पवित्र आत्मा की प्रेरणा से मसीह के वचन बोलते हैं, जैसे आज्ञा को मानते अपनी जीवनरूपि नाव को गहिरे में चलते है, अर्थात हम उसके प्रेम की गहराई को समझने में बढ़ते जाते हैं तो ही हम औरों को भी उसके प्रेम का सन्देश सुना सकते हैं और तब जो हम जाल ड़ालते है,जो प्रार्थना' को दर्शाता है, तो हम मनुष्यों को जिवता पकडा करेंगे। क्योंकि सेनाओं के यहोवा के वचन के अनुसार न ही बल से और न शक्ति से  के द्वारा 7 ही कार्यसिद्धि होती है और उसका यह परन्तु परमेश्वर के आत्मा  के द्वारा 7 हमारे प्रभु येशू मसीह  ही पुरा होता है (जकर्याह ४:६)I वचन ODaily Bread तू मनुर्ष्यों को जिवता पकडा करेगा.. अबसे प्रभु येशू मसीह ने शमौन (पतरस) को मछलियों के द्वारा भौतिक आशिष दी थी। परन्तु इसके पश्चात उससे कहा कि अब से तू मनुष्यों को जीवता पकड़ा करेगा और हम देखते हैं कि तभी शमौन और उसके साथी अपने नावों को किनारे पर ले आए और सबकुछ छोड़कर उसके पीछे हो लिए उसे अवश्य है कि वे (লুব্ধা 591-11)] হমলিত নিম এমেধ্ব ন चुना है परमेश्वर के राज्य के लिए मनुष्यों को जिवता ( मसीह में) पकड़े; यदि वे उन्हें मछली समझकर पकड़े तो वे मृत पाई जाएगी और हम परमेश्वर के आत्मा के बिना किसी में जीवन नहीं डाल सकते है। अर्थात यदि हम प्रभु येशू {ক্লি ঘল্ুবী?ু মলী বvবিন গারাঃ কীবিয্মকী  मसीह को अपनी नाव में लिए और पवित्र आत्मा की प्रेरणा से मसीह के वचन बोलते हैं, जैसे आज्ञा को मानते अपनी जीवनरूपि नाव को गहिरे में चलते है, अर्थात हम उसके प्रेम की गहराई को समझने में बढ़ते जाते हैं तो ही हम औरों को भी उसके प्रेम का सन्देश सुना सकते हैं और तब जो हम जाल ड़ालते है,जो प्रार्थना' को दर्शाता है, तो हम मनुष्यों को जिवता पकडा करेंगे। क्योंकि सेनाओं के यहोवा के वचन के अनुसार न ही बल से और न शक्ति से  के द्वारा 7 ही कार्यसिद्धि होती है और उसका यह परन्तु परमेश्वर के आत्मा  के द्वारा 7 हमारे प्रभु येशू मसीह  ही पुरा होता है (जकर्याह ४:६)I वचन - ShareChat