#सत् भक्ति संदेश
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#आज_का_चिंतन....
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परमात्मा ने ऐसा क्यों कहा कि...
खोखापुर के काग मिले,दीन दोई रे।
अरबों में कोई हंस,हमारा होई रे ।।
✓ क्या यह संसार वास्तव में एक खोखापूर ही हैं ?
✓ आखिर क्या कारण हैं कि दोनों धर्मों (हिन्दू धर्म और मुस्लिम धर्म के लोग) अर्थात् सारा संसार अपने असली पिता (परमपिता परमेश्वर / #Real_GOD) को नहीं पहचान पा रहे हैं ?
✓ क्या हकीकत में ऐसा ही हैं कि #उस_सच्चे_खूदा को जानने वाला हजार,लाख,करोड़ में नहीं,अपितु अरबों खरबों की जनसंख्या में कोई एक ही होता हैं ?
✓ बाहर से बहुत सुंदर दिखने वाले इस संसार (इस काल लोक) के अंदर आखिर क्यों इतना खोखलापन (अज्ञानता) हैं ? जबकि तीन में से हर दो ब्यक्ति पूजा पाठ भक्ति साधना स्तुति उपासना करने वाले हैं ।
सतगुरू देव जी बताते हैं कि
गरीब,साधों सेती मस्करी,चोरां नाल खुशहाल।
मल अखाड़ा जीतेंगे,यह युगन युगन के माल।।
गरीब,चारो युग मेरे सन्त पुकारे,कूक कहा हम हेल रे *
हीरे मानिक मोती बरसे,ये जग चुगता ढेल रे **
✓✓✓ देव दूर्लभ अपने अनमोल मानव जीवन के कल्याणार्थ एक बार अवश्य पढ़ें
पुस्तक #ज्ञानगंगा
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