#💞इश्क-मोहब्बत शायरी🤩
जब निगाहें दिल की भाषा बन जाएं, तो शब्दों की ज़रूरत नहीं पड़ती। आपकी पसंद के लिए कुछ चुनिंदा शेर:
"उलझी हुई नज़रों का बस इतना सा फ़साना है,
नज़रें उन्हें ढूंढती हैं, जिन्हें दिल ने पहचाना है।"
"तेरी आँखों के ये जो काजल हैं,
यही तो मेरे जीने की असल वजह हैं।"
"खूबसूरती नज़रों में नहीं, देखने वाले की आँखों में होती है,
पर सच तो ये है कि तेरी आँखें खुद एक मुकम्मल शायरी हैं।"
"क्या कशिश थी तुम्हारी आँखों में,
हम तो बस देखने निकले थे और खुद को हार बैठे।"
"बातें तो सब करते हैं ज़ुबान से,
पर मज़ा तब है जब आँखें हाल-ए-दिल बयां कर दें।"🔥

