ShareChat
click to see wallet page
search
दुष्कर्म व POCSO एक्ट जैसे गंभीर मामले में भी माननीय हाईकोर्ट ने तथ्यों और कानूनी पहलुओं को देखते हुए आरोपी को सशर्त जमानत प्रदान की। 👉 कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आयु निर्धारण में केवल आधिकारिक प्रमाण पत्र को प्राथमिकता दी जानी चाहिए — जो कि एक महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु है। ✅ यह निर्णय दर्शाता है कि सही पैरवी और मजबूत दलीलों से न्याय मिल सकता है। 📌 अगर आपके या आपके किसी परिचित के खिलाफ कोई क्रिमिनल / सिविल / रेवेन्यू मामला चल रहा है — तो सही सलाह लेना बहुत जरूरी है। 📞 निःसंकोच संपर्क करें: 9120868870 Navneet Mishra Advocate, High Court Allahabad #इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी
इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी - व पॉक्सो एक्ट के आरोपी को जमानत दुष्कर्म प्रयागराज। हाइकोट ने बलिया के सहतवार थाने में दज  317 ತ4' पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी जकी सोनी उर्फ राहल को सशत जमानत दे दी हे। यह आदेश न्यायमूर्ति फृण्ण पहल को एकल पीठ ने दिया हे।याची पर ओर पॉक्सा के आरोप मे दुष्कम  7 HIVGI एफआईआर दर्ज हे। उसने जमानत के लिए हाइकोर्ट मे अर्जी दायर की थी। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि॰ पीड़िता वालिंग है। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के एक पूर्व फसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि पीडित को आयु निर्धारण के लिए केवल आधिकारिक वोर्ड प्रमाण पत्र या नगर निकाय के दस्तावेज को हो प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जको सोनी सात जनबर २०२६ से जेल में बंद था और उसका कोई पूर्व आपराधिक इतिहास भी नही था। इन सभो पहलुओं को देखते हुए कोट ने उसे सशर्त जमानत दे दी। ब्यूरो  व पॉक्सो एक्ट के आरोपी को जमानत दुष्कर्म प्रयागराज। हाइकोट ने बलिया के सहतवार थाने में दज  317 ತ4' पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी जकी सोनी उर्फ राहल को सशत जमानत दे दी हे। यह आदेश न्यायमूर्ति फृण्ण पहल को एकल पीठ ने दिया हे।याची पर ओर पॉक्सा के आरोप मे दुष्कम  7 HIVGI एफआईआर दर्ज हे। उसने जमानत के लिए हाइकोर्ट मे अर्जी दायर की थी। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि॰ पीड़िता वालिंग है। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के एक पूर्व फसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि पीडित को आयु निर्धारण के लिए केवल आधिकारिक वोर्ड प्रमाण पत्र या नगर निकाय के दस्तावेज को हो प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जको सोनी सात जनबर २०२६ से जेल में बंद था और उसका कोई पूर्व आपराधिक इतिहास भी नही था। इन सभो पहलुओं को देखते हुए कोट ने उसे सशर्त जमानत दे दी। ब्यूरो - ShareChat