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ठाकुर जी #जय श्री कृष्णा #प्रेरणादायक विचार #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #जीवन की सीख #जिंदगी
जय श्री कृष्णा - Deepshikha ठाकुर जी न वैभव देखते हैं, बाहरी दिखावा।  7 उन्हें केवल वह हृदय प्रिय है जो उन्हें अपना मान ले। कोई बिना शर्त पुकारता তান 8 तो ठाकुर जी भी अपने और पराए का भेद भूल जाते हैं। भक्ति का सौंदर्य यही है जहाँ भाव हो, वहीं भगवान स्वयं उतर आते हैं। Deepshikha ठाकुर जी न वैभव देखते हैं, बाहरी दिखावा।  7 उन्हें केवल वह हृदय प्रिय है जो उन्हें अपना मान ले। कोई बिना शर्त पुकारता তান 8 तो ठाकुर जी भी अपने और पराए का भेद भूल जाते हैं। भक्ति का सौंदर्य यही है जहाँ भाव हो, वहीं भगवान स्वयं उतर आते हैं। - ShareChat