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#जय श्री कृष्णा जी
जय श्री कृष्णा जी - | महाभारत का बेहतरीन प्रंसग | जब अर्जुन ने श्री कृष्ण का उपदेश सुन लिया तब अर्जुन बोले आप परमात्मा हो मैं इसे मानता हूँ पर, मैं आपका दिव्य रूप देखना चाहता हूँ। भगवान ने अर्जुन को दिव्य दृष्टि दी। अर्जुन ने देखा की॰सारे देवता , ऋषि,यक्ष, नाग , गंधर्व , असंख्य हाथ , मुख , पैर , आँख , सूर्य चंद्रमा,अग्नि, आकाश, दिशाएं, पूरा ब्रम्हांड श्रीकृष्ण के शरीर में समाया | हुआ है। अर्जुन ने देखा जैसे पतंगे आग में गिरते है वैसे ही सभी लोग श्रीकृष्ण के विराट मुख की ओर जा कर शरीर त्याग रहे है। अर्जुन पसीना पसीना होकर कांप उठा और बोला प्रभु आप कौन हैं। श्रीकृष्ण बोले मैं कालों का भी श्रीकृष्ण अर्जुन को दिखाना चाहते थे काल महाकाल हूॅ। युद्ध तू नहीं मैं कर रहा हूँ तू केवल निम्मित है। याद रखो ( सब कुछ उसकी मर्जी से होकर रहेगा| इसे आप जितनी जल्दी स्वीकार कर लोगे उतनी जल्दी चिंता मुक्त होगे। सनातन वैदिक धर्म | महाभारत का बेहतरीन प्रंसग | जब अर्जुन ने श्री कृष्ण का उपदेश सुन लिया तब अर्जुन बोले आप परमात्मा हो मैं इसे मानता हूँ पर, मैं आपका दिव्य रूप देखना चाहता हूँ। भगवान ने अर्जुन को दिव्य दृष्टि दी। अर्जुन ने देखा की॰सारे देवता , ऋषि,यक्ष, नाग , गंधर्व , असंख्य हाथ , मुख , पैर , आँख , सूर्य चंद्रमा,अग्नि, आकाश, दिशाएं, पूरा ब्रम्हांड श्रीकृष्ण के शरीर में समाया | हुआ है। अर्जुन ने देखा जैसे पतंगे आग में गिरते है वैसे ही सभी लोग श्रीकृष्ण के विराट मुख की ओर जा कर शरीर त्याग रहे है। अर्जुन पसीना पसीना होकर कांप उठा और बोला प्रभु आप कौन हैं। श्रीकृष्ण बोले मैं कालों का भी श्रीकृष्ण अर्जुन को दिखाना चाहते थे काल महाकाल हूॅ। युद्ध तू नहीं मैं कर रहा हूँ तू केवल निम्मित है। याद रखो ( सब कुछ उसकी मर्जी से होकर रहेगा| इसे आप जितनी जल्दी स्वीकार कर लोगे उतनी जल्दी चिंता मुक्त होगे। सनातन वैदिक धर्म - ShareChat