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#✍️ જીવન કોટ્સ #🤣 વાહ રે જીંદગી 😥
✍️ જીવન કોટ્સ - जन्म लेते ही मनुष्य अपना पूर्व जन्म क्यों भूल जाता है? यमलोक में चित्रगुप्त द्वारा कर्मो का পুতf हिसाब होने के पश्चात ही यह निर्धारित होता है आत्मा को स्वर्ग प्राप्त होगा , नरक की यातना मिलेगी अथवा उसे नया जन्म मिलेगा। [T7ಾಹ पुराण के अनुसार , जब आत्मा किसी माता गर्भ में प्रवेश करती है, तब उसे अपने पूर्व जन्म समस्त कर्म और भोगी गई यातनाएँ स्पेष्ट रूप से स्मरण रहती हैं। गर्भ के उस अत्यंत संकुचित dకT और अंधकारमय स्थान में अपार सहते हुए आत्मा ईश्वर से प्रार्थना करती है कि इस बार वॅह अपना जीवन केवल सत्कर्मों में व्यतीत करेगी। কিনু সন্স লন ৪ী পৃথ্নী কী মায়া ক সবল प्रभाव से मनुष्य उन सभी वचनों को भूल जाता है और पुनः भौतिक संसार के मोह में फँस जाता है। अंततः मनुष्य के संचित कर्म ही यह निर्णय करते हैं कि उसका अगला जन्म किसी श्रेष्ठ कुल में होगा 7 पशु-पक्षियों की निम्न योनियों या उसे में जन्म लेकर भटकना पड़ेगा। जन्म लेते ही मनुष्य अपना पूर्व जन्म क्यों भूल जाता है? यमलोक में चित्रगुप्त द्वारा कर्मो का পুতf हिसाब होने के पश्चात ही यह निर्धारित होता है आत्मा को स्वर्ग प्राप्त होगा , नरक की यातना मिलेगी अथवा उसे नया जन्म मिलेगा। [T7ಾಹ पुराण के अनुसार , जब आत्मा किसी माता गर्भ में प्रवेश करती है, तब उसे अपने पूर्व जन्म समस्त कर्म और भोगी गई यातनाएँ स्पेष्ट रूप से स्मरण रहती हैं। गर्भ के उस अत्यंत संकुचित dకT और अंधकारमय स्थान में अपार सहते हुए आत्मा ईश्वर से प्रार्थना करती है कि इस बार वॅह अपना जीवन केवल सत्कर्मों में व्यतीत करेगी। কিনু সন্স লন ৪ী পৃথ্নী কী মায়া ক সবল प्रभाव से मनुष्य उन सभी वचनों को भूल जाता है और पुनः भौतिक संसार के मोह में फँस जाता है। अंततः मनुष्य के संचित कर्म ही यह निर्णय करते हैं कि उसका अगला जन्म किसी श्रेष्ठ कुल में होगा 7 पशु-पक्षियों की निम्न योनियों या उसे में जन्म लेकर भटकना पड़ेगा। - ShareChat