भारत में हर मौसम राजा, चार माह का बनता है ।
गर्मी सूरज की आँखों से ,देखे तपती जनता है ॥
वर्षा बनकर रानी उसकी,धरा डुबोती है जल से ।
सर्दी बेदर्दी बन करके, हाड़ कॅंपा देती गल के ॥ #📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #कविता


