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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - follow Manoj Kumar नारद जी ने पूछा, जब हर कण कण में भगवान है तो लोग मंदिर क्यों जाते हैं? श्री हरि का अति सुंदर 37< जैसे हवा तो धुप में भी चलती है पर आनंद छाँव में बैठ कर मिलता है वैसे ही भगवान सब तरफ है पर आनंद मंदिर मे ही आता है, , ईश्वर कण-कण की धड़कन में है, ये सच है, मगर रूह वहीं टिकती है जहाँ प्रभु का गाँव हा। 0]] CCC follow Manoj Kumar नारद जी ने पूछा, जब हर कण कण में भगवान है तो लोग मंदिर क्यों जाते हैं? श्री हरि का अति सुंदर 37< जैसे हवा तो धुप में भी चलती है पर आनंद छाँव में बैठ कर मिलता है वैसे ही भगवान सब तरफ है पर आनंद मंदिर मे ही आता है, , ईश्वर कण-कण की धड़कन में है, ये सच है, मगर रूह वहीं टिकती है जहाँ प्रभु का गाँव हा। 0]] CCC - ShareChat