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#ब्रेकिंग न्यूज़🙏 - हाई कोर्ट ने क़हा-प्राइवेसी से अहम है फेयर ट्रायल आरकसखास पत्नी के वाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग को पुख्ता सबूत मान सकता है फैमिली कोर्ट কম্ভা-কমিলী ক্ীকৌ लीगल रिपोर्टर | बिलासपुर  और कॉल रिकॉर्डिंग को रिकॉर्ड पर लेने के लिए आवेदन दिया। पत्नी ने इसका विरोध  यह विशेष अधिकार वैवाहिक कोर्ट 7 में करतें हुए आरोप लगाया कि पति ने उसका নিনানী  हाई हाई कोर्ट ने कहा कि फैमिली कोर्ट मोबाइल हैक कर अवैध तरीके से ये सबूत मंजूर  इलेक्ट्रोनिक साक्ष्य करने को लेकर एक्ट की धारा १४ यह शक्ति देती जुटाए हैं जो उसकी प्राइवेसी यानी निजता  महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। जस्टिस सचिन है कि वह किसी भी ऐसी सामग्री  का उल्लंघन है। हालांकि के अधिकार सिंह राजपूत की सिंगल बेंच ने कहा कि॰ को सबूत मान सकती है जो विवाद  फैमिली कोर्ट ने पति की अर्जी स्वीकार कर फैमिली कोर्ट के पास यह विशेष शक्ति है सुलझाने में सहायक हो। सुप्रीम  ली थी, जिसके खिलाफ पत्नी ने हाई कोर्ट कि वह मामले के प्रभावी निपटारे के लिए कोर्ट के फैसलों का हवाला देते में मामला प्रस्तुत किया। मामले पर सुनवाई  हुए किंसो भी दस्तावेज या जानकारी को सनूत कहा कि यदि सबूत प्रासंगिक है हुए हाई कोर्ट ने कहा कि संविधान के केतौर पर स्वीकार कर सकता है, भले ही करते इससे फर्क नहीं पड़ता कि उसे किस अनुच्छेद २१ के तहत निजता का अधिकार  वह एविडेंस एक्ट के तहत सामान्य रूप तरह हासिल किया गया है। कहा कि॰ पूर्ण नहीं है। फेयर ट्रायल यानी निष्पक्ष  से स्वीकार्य नहो। हाई कोर्ट ने पलनी की अदालतों को दो पक्षों के हितों के का अधिकार सार्वजनिक न्याय से याचिका खारिज कर दी है। सुनवाई  बीच संतुलन बनाना होता है। पति  निवासी  व्यक्ति ने फैमिली ्जुड़ा है और यह प्राइवेसी के व्यक्तगत कोर्टा यॅपुरली सेस तलाक की मांग करते को अपनी बात साबित करने के अधिकार से ऊपर है। अगर प्राइवेसी के लिए प्रासंगिक सबूत पेश करने का याचिका लगाई थी। पति ने पली को   नाम पर सबूतों को रोका ग्या, तो फैमिली ह्यालोगों के॰सा।थ हुए वाट्सएप चैट गौका मिलना चाहिएHdv कोर्ट का उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा। Plत हाई कोर्ट ने क़हा-प्राइवेसी से अहम है फेयर ट्रायल आरकसखास पत्नी के वाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग को पुख्ता सबूत मान सकता है फैमिली कोर्ट কম্ভা-কমিলী ক্ীকৌ लीगल रिपोर्टर | बिलासपुर  और कॉल रिकॉर्डिंग को रिकॉर्ड पर लेने के लिए आवेदन दिया। पत्नी ने इसका विरोध  यह विशेष अधिकार वैवाहिक कोर्ट 7 में करतें हुए आरोप लगाया कि पति ने उसका নিনানী  हाई हाई कोर्ट ने कहा कि फैमिली कोर्ट मोबाइल हैक कर अवैध तरीके से ये सबूत मंजूर  इलेक्ट्रोनिक साक्ष्य करने को लेकर एक्ट की धारा १४ यह शक्ति देती जुटाए हैं जो उसकी प्राइवेसी यानी निजता  महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। जस्टिस सचिन है कि वह किसी भी ऐसी सामग्री  का उल्लंघन है। हालांकि के अधिकार सिंह राजपूत की सिंगल बेंच ने कहा कि॰ को सबूत मान सकती है जो विवाद  फैमिली कोर्ट ने पति की अर्जी स्वीकार कर फैमिली कोर्ट के पास यह विशेष शक्ति है सुलझाने में सहायक हो। सुप्रीम  ली थी, जिसके खिलाफ पत्नी ने हाई कोर्ट कि वह मामले के प्रभावी निपटारे के लिए कोर्ट के फैसलों का हवाला देते में मामला प्रस्तुत किया। मामले पर सुनवाई  हुए किंसो भी दस्तावेज या जानकारी को सनूत कहा कि यदि सबूत प्रासंगिक है हुए हाई कोर्ट ने कहा कि संविधान के केतौर पर स्वीकार कर सकता है, भले ही करते इससे फर्क नहीं पड़ता कि उसे किस अनुच्छेद २१ के तहत निजता का अधिकार  वह एविडेंस एक्ट के तहत सामान्य रूप तरह हासिल किया गया है। कहा कि॰ पूर्ण नहीं है। फेयर ट्रायल यानी निष्पक्ष  से स्वीकार्य नहो। हाई कोर्ट ने पलनी की अदालतों को दो पक्षों के हितों के का अधिकार सार्वजनिक न्याय से याचिका खारिज कर दी है। सुनवाई  बीच संतुलन बनाना होता है। पति  निवासी  व्यक्ति ने फैमिली ्जुड़ा है और यह प्राइवेसी के व्यक्तगत कोर्टा यॅपुरली सेस तलाक की मांग करते को अपनी बात साबित करने के अधिकार से ऊपर है। अगर प्राइवेसी के लिए प्रासंगिक सबूत पेश करने का याचिका लगाई थी। पति ने पली को   नाम पर सबूतों को रोका ग्या, तो फैमिली ह्यालोगों के॰सा।थ हुए वाट्सएप चैट गौका मिलना चाहिएHdv कोर्ट का उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा। Plत - ShareChat