ShareChat
click to see wallet page
search
#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - जमीन पे पड़ा था सारा आलम था उदास Yef; বক कल के आने वाले मुर्दे खड़े थे उसके आस पास ! जमीन पे पड़ा था सारा आलम था उदास Yef; বক कल के आने वाले मुर्दे खड़े थे उसके आस पास ! - ShareChat