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Sikandar Jha #💝 शायराना इश्क़
💝 शायराना इश्क़ - सिकंदर की शायरी सिकंदर की शायरी इश्क़ के बाज़ार में हुस्न काश तेरा घर मेरे घर मेला रह गया, के करीब होता , d1 भीड़ है लाखों की मगर बातें करना न सही , 35}` दिल अकेला रह गया। तुझे देखना मेरा नसीब होता। सिकंदर की शायरी सिकंदर की शायरी इश्क़ के बाज़ार में हुस्न काश तेरा घर मेरे घर मेला रह गया, के करीब होता , d1 भीड़ है लाखों की मगर बातें करना न सही , 35}` दिल अकेला रह गया। तुझे देखना मेरा नसीब होता। - ShareChat