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#जय धारी देवी
जय धारी देवी - मृत्यु के बाद चूल्हा जलाना क्यों वर्जित है ? মনানন ঘসস করিমী বানিক্ী मृत्यु के चाद उसके यर में  चूल्हा नहीं जलता । হাাস কী 13 নিনী নক 2 गोप शोगररपु निवेदित  भी नहीरकी जाती ह। সানা আলা ঔ কিসন নকচ 55 आत्मा मोहमाया तना मही होती  तव तक यह नियम निभाना जाता हे गरुह पुरणम के अनुसार अर्तिम रसंस्कार  4 के पहले यर में चूल्हा जलाना वर्जित हे। ऐसा कसे से मृूतक की आत्मा को 5 दुस्व ओर कप्ट होता ह॰ ऐसा शारचीं मेंकहा गया हे। दोप के अवररर में चंदमा अशुम से सर्य निकतने नक जप॰ कियाए নখা মানা নমী ডলামা সানা ! मृत्यु के बाद चूल्हा जलाना क्यों वर्जित है ? মনানন ঘসস করিমী বানিক্ী मृत्यु के चाद उसके यर में  चूल्हा नहीं जलता । হাাস কী 13 নিনী নক 2 गोप शोगररपु निवेदित  भी नहीरकी जाती ह। সানা আলা ঔ কিসন নকচ 55 आत्मा मोहमाया तना मही होती  तव तक यह नियम निभाना जाता हे गरुह पुरणम के अनुसार अर्तिम रसंस्कार  4 के पहले यर में चूल्हा जलाना वर्जित हे। ऐसा कसे से मृूतक की आत्मा को 5 दुस्व ओर कप्ट होता ह॰ ऐसा शारचीं मेंकहा गया हे। दोप के अवररर में चंदमा अशुम से सर्य निकतने नक जप॰ कियाए নখা মানা নমী ডলামা সানা ! - ShareChat