ShareChat
click to see wallet page
search
#🌞 Good Morning🌞 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
🌞 Good Morning🌞 - आज फिर 3 बजे... आज फिर नींद नहीं आई। आँखें बंद थीं पर दिमाग शांत नहीं था। कुछ चेहरे बार-बार सामने आते रहे, ச 417. जो कभी पूरी नहीं हो पाईं। मैंने किसी को खोया नहीं, बस खुद का एक हिस्सा वहीं कहीं छोड़ आई। रही पूछती 7/7 47-<7 में ठीक हो?" "सच और मैं हर बार चुप ही रही... क्योंकि सुबह फिर वही मुस्कान पहननी है इसलिए रात में थोड़ा और टूट जाना पडा। आज फिर 3 बजे... आज फिर नींद नहीं आई। आँखें बंद थीं पर दिमाग शांत नहीं था। कुछ चेहरे बार-बार सामने आते रहे, ச 417. जो कभी पूरी नहीं हो पाईं। मैंने किसी को खोया नहीं, बस खुद का एक हिस्सा वहीं कहीं छोड़ आई। रही पूछती 7/7 47-<7 में ठीक हो?" "सच और मैं हर बार चुप ही रही... क्योंकि सुबह फिर वही मुस्कान पहननी है इसलिए रात में थोड़ा और टूट जाना पडा। - ShareChat