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#गुलज़ार साहब की शायरी #गुलज़ार साहब 📝 #गुलज़ार साहब #गुलज़ार साहब के शायरी
गुलज़ार साहब की शायरी - # गुलजार @ अंजल ( पुखराज) $ नींद भरी वो रात् कभी याद आए तो, भी ऐसा होता है अब सा आँखों में भर जाता है धुआँ एक # गुलजार @ अंजल ( पुखराज) $ नींद भरी वो रात् कभी याद आए तो, भी ऐसा होता है अब सा आँखों में भर जाता है धुआँ एक - ShareChat