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मेरी आरजू थी कि तेरा दीदार होता 💚 #😍 दिल के जज्बात ✍️
😍 दिल के जज्बात - 31Tu मेरी आरज़ू थी कि तेरा दीदार होता तेरे  लबों पे कभी मेरा नाम होता आईने में अक्श की तरहा तेरा वजूद होता मेरी आरज़ू थी की तेरा दीदार होता ख्यालों में ही सही तू सुबहा शाम होता या फिर   मेरे गमले में लगा कोई फूल होता मेरी आरज़ू थी की तेरा दीदार होता 31Tu मेरी आरज़ू थी कि तेरा दीदार होता तेरे  लबों पे कभी मेरा नाम होता आईने में अक्श की तरहा तेरा वजूद होता मेरी आरज़ू थी की तेरा दीदार होता ख्यालों में ही सही तू सुबहा शाम होता या फिर   मेरे गमले में लगा कोई फूल होता मेरी आरज़ू थी की तेरा दीदार होता - ShareChat