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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी #💌शब्द से शायरी✒️
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - ৫৫ बहुत सुधर गया हूँ मैं अब, दूर रहता हूँ अच्छे लोगों से ! गुलज़ार ৫৫ बहुत सुधर गया हूँ मैं अब, दूर रहता हूँ अच्छे लोगों से ! गुलज़ार - ShareChat