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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #👍स्पेशल शायरी🖋 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📗प्रेरक पुस्तकें📘
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - सोचकर बाजार गया था अपने कुछ आंसू बेचने, खरीददार बोला अपनों के दिए हर तोहफे बेचा नहीं करते..! Gulzar सोचकर बाजार गया था अपने कुछ आंसू बेचने, खरीददार बोला अपनों के दिए हर तोहफे बेचा नहीं करते..! Gulzar - ShareChat