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#यीशु मसीह बाइबल वचन ✝️✝️📕 #WORD OF GOD ✝️ #🙏🌈Bible study chat room 🌀🌈 #Is kaynat ka maalik yeshu mashi #bible
यीशु मसीह बाइबल वचन ✝️✝️📕 - @Daily Bread प्रभु येशू मसीह पर उस कोढ़ी ने चंगा होने से पूर्व ही विश्वास किया था कि यदि येशू चाहे तो मुझे शुद्ध कर सकता है और वो चंगा हुआ (मरकुस १:४० ४५)| परन्तु शास्री जो ज्ञान के खोजी थे, वे येशू मसीह को जान न पाए थे; क्योंकि उन्होंने व्यवस्था के कर्मों से अपने आप को आप ही धर्मी ठहराया था (मरकुस २:१- १२)| परन्तु वह कोढ़ी व्यवस्था के कर्मों बिना शुद्ध होे चुका था। अपने आप को आप ही धर्मी ठहराने वाले मसीह की सही पहचान नहीं कर पाते  प्रभु येशु से पापक्षमा इसलिये वे अपने पापों को नहीं मानते और पाने के लिए उसके पास आते हैं। बल्कि उसके अधिकार को ही तुच्छ जानते है। इस कारण वे पापीयों से भी प्रेम नहीं रख पाते और न ही उन्हें मसीह की पहचान होने देते हैं। जैसे कि उन शास्त्रीयों ने प्रभु येशू की निन्दा की पापीयों के प्रभु येशू मसीह के पास आनेपर थी; परन्तु उस शुद्ध हो चुके कोढ़ी ने प्रभु येशू मसीह की ऐसी महिमा की कि चारों और से लोग प्रभु येशू के पास आने लगे और परमेश्वर की बड़ाई करने लगे। इसलिए प्रभू येशू ने कहा कि॰ "मैं धर्मियों के लिए नहीं बल्कि पापियों को पश्चाताप के लिए बुलाने हूँ।" अर्थात जो अपने पापों को नहीं मानते , वे पापक्षमा नहीं आया पाते और प्रभु येशु मसीह का पापक्षमा करनेवाले उद्धारकर्ता होने परन्तु जो नम्र होकर अपने पापों को मानता है का इन्कार करते हैं। और अपने पाप का त्याग करता है, वो प्रभु येशू से पापक्षमा पाकर धर्मी ठहरता हैं और शुद्ध होकर उसकी महिमा करता है और औरों को भी मसीह की ओर ले आता है, उनका विरोध नहीं करता। @Daily Bread प्रभु येशू मसीह पर उस कोढ़ी ने चंगा होने से पूर्व ही विश्वास किया था कि यदि येशू चाहे तो मुझे शुद्ध कर सकता है और वो चंगा हुआ (मरकुस १:४० ४५)| परन्तु शास्री जो ज्ञान के खोजी थे, वे येशू मसीह को जान न पाए थे; क्योंकि उन्होंने व्यवस्था के कर्मों से अपने आप को आप ही धर्मी ठहराया था (मरकुस २:१- १२)| परन्तु वह कोढ़ी व्यवस्था के कर्मों बिना शुद्ध होे चुका था। अपने आप को आप ही धर्मी ठहराने वाले मसीह की सही पहचान नहीं कर पाते  प्रभु येशु से पापक्षमा इसलिये वे अपने पापों को नहीं मानते और पाने के लिए उसके पास आते हैं। बल्कि उसके अधिकार को ही तुच्छ जानते है। इस कारण वे पापीयों से भी प्रेम नहीं रख पाते और न ही उन्हें मसीह की पहचान होने देते हैं। जैसे कि उन शास्त्रीयों ने प्रभु येशू की निन्दा की पापीयों के प्रभु येशू मसीह के पास आनेपर थी; परन्तु उस शुद्ध हो चुके कोढ़ी ने प्रभु येशू मसीह की ऐसी महिमा की कि चारों और से लोग प्रभु येशू के पास आने लगे और परमेश्वर की बड़ाई करने लगे। इसलिए प्रभू येशू ने कहा कि॰ "मैं धर्मियों के लिए नहीं बल्कि पापियों को पश्चाताप के लिए बुलाने हूँ।" अर्थात जो अपने पापों को नहीं मानते , वे पापक्षमा नहीं आया पाते और प्रभु येशु मसीह का पापक्षमा करनेवाले उद्धारकर्ता होने परन्तु जो नम्र होकर अपने पापों को मानता है का इन्कार करते हैं। और अपने पाप का त्याग करता है, वो प्रभु येशू से पापक्षमा पाकर धर्मी ठहरता हैं और शुद्ध होकर उसकी महिमा करता है और औरों को भी मसीह की ओर ले आता है, उनका विरोध नहीं करता। - ShareChat