!!बाल हनुमान जी!!
उनकी बात, जिनकी बात में
कुछ निराली है ,
मैं पवनदेव का पुत्र हूँ,
जिन्होंने सृष्टि संचाली है!
मैं वेग हूँ, मैं वेद हूँ,
मैं अग्नि से भी तेज हूँ,
सभी सीमा को लांघ दूँ,
मैं अभेद्य को भी भेद दूँ!!
लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺


