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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - लहज़ा समझ आ जाता है मुझे हर किसी का, उन्हें शर्मिंदा करना मेरे নম मिजाज़ में नहीं है..! ७७० Follow Zindagi Gulzar hai लहज़ा समझ आ जाता है मुझे हर किसी का, उन्हें शर्मिंदा करना मेरे নম मिजाज़ में नहीं है..! ७७० Follow Zindagi Gulzar hai - ShareChat