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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - रसगुल्ले की चोरी सीना जोरी  विवाह समारोह खाना परोसने वाले से मन मुटाव था।सभी सामान परोसे जा रहे थे लेकिन   रसगुल्ला नहीं परोसे जो ज्यादा पसंद थे बार बार कभी अपनी पत्तल कभी रसगुल्ला परोसने वाले को देख रहा था।कभी  दोनों तरफ के पडौसियों की पत्तल जहां सबको एक इनको दो दो परोसे थे।मैंने पड़ौसियों से रसगुल्लों की ओर इशारा करते हुए बड़ाई भी की लेकिन कोई फायदा नहीं।भोजन बेस्वाद लग रहा था।घर से स्वाद सोचकर आया था सब गड़बड़ी ।भोजन कर लोग उठने लगे | मैं भी उठ गया परोसने वाला धीरे से  मुस्कराया मैं भी मुस्कराया क्योंकि मैंने दोनों पड़ोसियों के एक एक से उठाकर खालिये थे।वे भी कैसे कहते శ్రంశ रसगुल्ला कि उन्हें दो दो रसगुल्ला   परोसे थे।हा हा हा रसगुल्ले की चोरी सीना जोरी  विवाह समारोह खाना परोसने वाले से मन मुटाव था।सभी सामान परोसे जा रहे थे लेकिन   रसगुल्ला नहीं परोसे जो ज्यादा पसंद थे बार बार कभी अपनी पत्तल कभी रसगुल्ला परोसने वाले को देख रहा था।कभी  दोनों तरफ के पडौसियों की पत्तल जहां सबको एक इनको दो दो परोसे थे।मैंने पड़ौसियों से रसगुल्लों की ओर इशारा करते हुए बड़ाई भी की लेकिन कोई फायदा नहीं।भोजन बेस्वाद लग रहा था।घर से स्वाद सोचकर आया था सब गड़बड़ी ।भोजन कर लोग उठने लगे | मैं भी उठ गया परोसने वाला धीरे से  मुस्कराया मैं भी मुस्कराया क्योंकि मैंने दोनों पड़ोसियों के एक एक से उठाकर खालिये थे।वे भी कैसे कहते శ్రంశ रसगुल्ला कि उन्हें दो दो रसगुल्ला   परोसे थे।हा हा हा - ShareChat