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news - सहायकशिक्षकके ४६९४४पदखाली मोबाइल परस्कूलकाहोमवक जवाब कामुद्दा उच्च सदनमें उठा लखनऊ, विशेष संवाददाता | प्रदेश  केबेसिक शिक्षा मंत्री संदीपसिंहनेकहा है कि प्रदेश में परिषदीय प्राथमिक मोबाइल पर निर्भर होते जा रहे हैं। संवाददाता|  लखनऊ , प्रमुख बच्चों में बढ़ते मोबाइल को लत के अभिभावकोंको भोबच्चोंको मजबूरी विद्यालयों में सहायक अध्यापक के में मोबाइल देना पड़ रहा है। इससे में मोबाइल पर होमवर्क सीधी भर्ती के ४६९४४ पद रिक्त हैं। লিব  स्कूलों  दिए जाने को मुख्य वजह माना जा रहा - उनकी मानसिक और शारीरिक सेहत साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा मित्रों वअनुदेशकों केमानदेयको  है।मंगलवारको भाजपा सदस्यविजय पर नकारात्मक असर पड़ रहा है बढ़ाने पर विचार कर रहो है।संदीप सिंह बहादुर पाठकने स्कूलों में मोबाइलपर के बहाने क्योंकि जब बच्चा पढ़ाई  नेये बात सपा के अनिल प्रधान के फोनलेता हैतोवह धोरे धोरे गेमऔर होमवर्क दिए जाने का मुद्दा उठाया। कि इससे बच्चों में बढ़ते  सवाल के जवाब में लिखित रूप से रोल को ओर मुड जाता है। उन्हान कहा विधानसभा में दी। इससे मोबाइल की लत की गंभीर समस्या স एडिक्टिव बच्चों पैदा होती जा रही है।इस पर तत्काल सपा के चित्रकूट से बिहैवियर विकसित हा रहा है। कई दरअसल देशों में बच्चों के सोशल मीडिया के विधायक अनिल प्रधान ने प्रश्न प्रहर में रोक लगाए जाने की जरूरत है। पाठक ने शून्यकाल में इस मामले इस्तेमाल पर भी सख्ती है। मनोरोग  जानना चाहा कि॰क्या सरकार एक अप्रैल २०२२ से 8 जनवरी तक कितने को उठाते हुए कहा कि कोविड के विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक दौरान पढ़ाई का डिजिटल पैटर्न शुरू  शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों  स्क्रोन टाइम बच्चों को एकाग्रता और हुआ था। यह उस समय की जरूरत  को शिक्षक पद पर चयनित किया गया याददाश्त पर   नकारात्मक असर ।साथ ही वर्तमान में शिक्षकों के मंजूर  थी लेकिन अब भी कई स्कूल इसे डालता है। उन्होंने बच्चों में बढ़ते d जारी रखे हुए हैं । स्कूलों में डायरी की  मोबाइल की लत को रोकने के लिए पदों में से कितने पद खाली हैं। इस पर संदोप सिंह ने लिखित रूप से यह बजाय व्हाट्स ऐप पर होमवर्क और सरकार से प्रभावी कार्यवाही को मांग  जानकारी दी। असाइनमेंट दिए जाते हैं ।इससे बच्चे को है। सहायकशिक्षकके ४६९४४पदखाली मोबाइल परस्कूलकाहोमवक जवाब कामुद्दा उच्च सदनमें उठा लखनऊ, विशेष संवाददाता | प्रदेश  केबेसिक शिक्षा मंत्री संदीपसिंहनेकहा है कि प्रदेश में परिषदीय प्राथमिक मोबाइल पर निर्भर होते जा रहे हैं। संवाददाता|  लखनऊ , प्रमुख बच्चों में बढ़ते मोबाइल को लत के अभिभावकोंको भोबच्चोंको मजबूरी विद्यालयों में सहायक अध्यापक के में मोबाइल देना पड़ रहा है। इससे में मोबाइल पर होमवर्क सीधी भर्ती के ४६९४४ पद रिक्त हैं। লিব  स्कूलों  दिए जाने को मुख्य वजह माना जा रहा - उनकी मानसिक और शारीरिक सेहत साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा मित्रों वअनुदेशकों केमानदेयको  है।मंगलवारको भाजपा सदस्यविजय पर नकारात्मक असर पड़ रहा है बढ़ाने पर विचार कर रहो है।संदीप सिंह बहादुर पाठकने स्कूलों में मोबाइलपर के बहाने क्योंकि जब बच्चा पढ़ाई  नेये बात सपा के अनिल प्रधान के फोनलेता हैतोवह धोरे धोरे गेमऔर होमवर्क दिए जाने का मुद्दा उठाया। कि इससे बच्चों में बढ़ते  सवाल के जवाब में लिखित रूप से रोल को ओर मुड जाता है। उन्हान कहा विधानसभा में दी। इससे मोबाइल की लत की गंभीर समस्या স एडिक्टिव बच्चों पैदा होती जा रही है।इस पर तत्काल सपा के चित्रकूट से बिहैवियर विकसित हा रहा है। कई दरअसल देशों में बच्चों के सोशल मीडिया के विधायक अनिल प्रधान ने प्रश्न प्रहर में रोक लगाए जाने की जरूरत है। पाठक ने शून्यकाल में इस मामले इस्तेमाल पर भी सख्ती है। मनोरोग  जानना चाहा कि॰क्या सरकार एक अप्रैल २०२२ से 8 जनवरी तक कितने को उठाते हुए कहा कि कोविड के विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक दौरान पढ़ाई का डिजिटल पैटर्न शुरू  शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों  स्क्रोन टाइम बच्चों को एकाग्रता और हुआ था। यह उस समय की जरूरत  को शिक्षक पद पर चयनित किया गया याददाश्त पर   नकारात्मक असर ।साथ ही वर्तमान में शिक्षकों के मंजूर  थी लेकिन अब भी कई स्कूल इसे डालता है। उन्होंने बच्चों में बढ़ते d जारी रखे हुए हैं । स्कूलों में डायरी की  मोबाइल की लत को रोकने के लिए पदों में से कितने पद खाली हैं। इस पर संदोप सिंह ने लिखित रूप से यह बजाय व्हाट्स ऐप पर होमवर्क और सरकार से प्रभावी कार्यवाही को मांग  जानकारी दी। असाइनमेंट दिए जाते हैं ।इससे बच्चे को है। - ShareChat