ShareChat
click to see wallet page
search
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - मनुष्य की चाल धन से भी बदलती है और धर्म से भी बदलती है. जब धन संपन्न होता है तब अकड़ कर चलता है, और जब धर्म संपन्न होता है, तो विनम्र होकर चलता है..!! मनुष्य की चाल धन से भी बदलती है और धर्म से भी बदलती है. जब धन संपन्न होता है तब अकड़ कर चलता है, और जब धर्म संपन्न होता है, तो विनम्र होकर चलता है..!! - ShareChat