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सोता नही है जागने से , नर कभी भी ज्ञान में। मिलता नही है माँगने से , सुख कभी अभिमान में ॥ आता नही है भागने से , मन कभी भी साथ में । होता नही है आदमी भी , सब सभी के हाथ में ॥ #कविता #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #📗प्रेरक पुस्तकें📘
कविता - सोता नही है जागने से, नर कभी भी ज्ञान मैं । मिलता नही है माँगने से , सुख कभी अभिमान मैं ।I आता नही है भागने से, मन कभी भी साथ मैं ।I होता नही है आदमी भी, सब सभी के हाथ मैं ।l सोता नही है जागने से, नर कभी भी ज्ञान मैं । मिलता नही है माँगने से , सुख कभी अभिमान मैं ।I आता नही है भागने से, मन कभी भी साथ मैं ।I होता नही है आदमी भी, सब सभी के हाथ मैं ।l - ShareChat