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#📖 शायरी स्टेटस #⏳शब्द से शायरी: वक़्त
📖 शायरी स्टेटस - आज फिर 3 बजे आज फिर नींद नहीं आई। ऑंखें बंद थीं पर दिमाग बंद नहीं हुआ। बार-बार सामने आए, कुछ कुछ चेहरे बातें जो कभी पूरी नहीं हुईं। मैंने किसी को खोया नहीं.. छोड़ बस खुद का एक हिस्सा वहीं आया। रही -सच में ठीक हो? पूछती I और मैं हर बार चुप रहा। सुबह फिर वही मुस्कान पहननी है, / ೫5 इसलिए रात में और टूट गया। आज फिर 3 बजे आज फिर नींद नहीं आई। ऑंखें बंद थीं पर दिमाग बंद नहीं हुआ। बार-बार सामने आए, कुछ कुछ चेहरे बातें जो कभी पूरी नहीं हुईं। मैंने किसी को खोया नहीं.. छोड़ बस खुद का एक हिस्सा वहीं आया। रही -सच में ठीक हो? पूछती I और मैं हर बार चुप रहा। सुबह फिर वही मुस्कान पहननी है, / ೫5 इसलिए रात में और टूट गया। - ShareChat