“जाति-पात और आरक्षण खत्म करो, नौकरियां सिर्फ़ टैलेंट पर दो।”
यह कहना है सुप्रीम कोर्ट के वकील ऐपी सिंह का।
उन्होंने कहा—जब खून एक है, मेहनत एक है, पढ़ाई और कोचिंग एक है, हाथ-पैर और काबिलियत बराबर है, तो फिर भेदभाव क्यों?
आज का युवा साथ मेहनत करता है, लेकिन नौकरी एक को मिलती है और दूसरा पीछे रह जाता है—यह सरासर अन्याय है।ऐपी सिंह का कहना है कि आरक्षण से युवाओं का मनोबल टूट रहा है। सरकार को चाहिए कि पहचान नहीं, योग्यता के आधार पर नौकरियां दे।... #apsingh #न्यूज


