💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔
एक अधूरी दास्ताँ और मेरा सब्र
“तुम्हारी बातें यूँ तो लफ्ज़ भर थीं,
पर मेरे लिए वो एहसास बन गईं… 💔
इतनी गहरी, कि मैंने अपनी बरसों की खामोशी
तुम्हारे सामने बेआवाज़ तोड़ दी।
तुम वो पहले शख्स थे,
जिसके सामने मैंने खुद को बिना किसी डर के,
बिना किसी परदे के, पूरी तरह खोल दिया… 💔
पर शायद तुम्हारी नज़र कभी उस भरोसे तक पहुँची ही नहीं,
जो हर लफ्ज़ के पीछे छुपा था।
तुम्हें हर चीज़ जल्दी थी—
जवाब भी, फैसले भी, और शायद प्यार भी… 💔
‘हाँ’ या ‘ना’ में सिमटे तुम्हारे सवाल,
मेरे एहसासों की गहराई को कभी समझ ही नहीं पाए।
रिश्ते सवालों के जवाब नहीं होते,
जिन्हें पल भर में सुलझा लिया जाए… 💔
रिश्ते तो वो ख़ामोश किताब होते हैं,
जिन्हें समझने के लिए वक्त चाहिए, सब्र चाहिए,
और दिल से पढ़ने का हुनर चाहिए।
मैंने हर बार झुकना सीखा,
हर बार खुद से पहल की… 💔
क्योंकि मेरे लिए तुम सिर्फ एक शख्स नहीं,
एक एहसास थे, एक सुकून थे।
पर अफ़सोस…
मेरी फिक्र तुम्हें मेरी कमज़ोरी लगी, 💔
और मेरी मोहब्बत तुम्हें मेरी आदत।
जबकि सच ये है—
मैं हर किसी के लिए यूँ खुद को नहीं खोती।
इस मिलावटी दौर में,
जहाँ चेहरे मुस्कुराते हैं पर दिल छुपे रहते हैं… 💔
वहाँ मैंने तुम्हें अपनी सच्चाई दी,
अपनी रूह का साफ आईना दिया।
हर वो कोशिश की,
जो टूटते रिश्ते को बचा सकती थी… 💔
पर तुमने कभी पलटकर देखा ही नहीं,
कि कोई तुम्हारे लिए खुद को कितना बदल रहा है।
आज शायद मैं तुम्हारे लिए एक बीती बात हूँ,
शायद मेरी यादें तुम्हें भारी लगती हों… 💔
पर वक्त का एक सच है—
जो आज सस्ता लगता है,
कल वही सबसे कीमती बन जाता है।
जिस दिन तुम भीड़ में अकेले खड़े होगे,
और किसी सच्चे साथ की तलाश करोगे… 💔
उस दिन तुम्हें मेरी खामोश मौजूदगी याद आएगी,
जो बिना शोर किए, हर वक्त तुम्हारे साथ थी।
मेरा दिल गवाह है—
मैंने मोहब्बत की भी, और उसे निभाया भी… 💔
पूरी शिद्दत से, बिना किसी स्वार्थ के।
अब तुम्हें इसे मेरी कमज़ोरी समझना है
या मेरी सच्चाई— 💔
ये फैसला अब तुम्हारा है…
मैं तो अपना हिस्सा निभा चुकी हूँ,
अब बाकी कहानी… वक्त लिखेगा।”
— A singh
💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔
#💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस

