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#राधे कृष्णा राधे कृष्णा राधे कृष्णा राधे कृष्णा राधे कृष्णा राधे कृष्णा राधे कृष्णा राधे कृष्णा - ।|श्रीहरिः |l अज्ञानी जीव मान-बड़ाईरूपी जहरीले भावों को सुन्दर सुहावने समझकर उनसे लिपटे रहते हैं। दयामय परमात्मा दया करके उनके कल्याण के लिये इनका नाश करते हैं। मान-बड़ाई के सुख का नाश करना एक प्रकार से शाप के रूप में महान् वरदान है। (अमूल्य शिक्षा. पृष्ठ संख्या ९७) श्रद्धेय सेठजी श्री जयदयाल जी गोयन्दका ।|श्रीहरिः |l अज्ञानी जीव मान-बड़ाईरूपी जहरीले भावों को सुन्दर सुहावने समझकर उनसे लिपटे रहते हैं। दयामय परमात्मा दया करके उनके कल्याण के लिये इनका नाश करते हैं। मान-बड़ाई के सुख का नाश करना एक प्रकार से शाप के रूप में महान् वरदान है। (अमूल्य शिक्षा. पृष्ठ संख्या ९७) श्रद्धेय सेठजी श्री जयदयाल जी गोयन्दका - ShareChat