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#gharelu nuskhe
gharelu nuskhe - अभ्रक भस्म को आयुर्वेद में " अमर औषधि " कहा गया న है, क्योंकि यह शरीर की कोशिकाओं को उम्र के प्रभाव से बचाकर उन्हें पुनर्जीवित करने की क्षमता रखता है। १०० बार गोजातीय शुद्धिकृत अभ्रक को घिसकर दूध में बनाई गई यह भस्म फेफड़ों को इतना मजबूत बनाती है कि पुराना अस्थमा , सांस फूलना और कमजोर फेफड़ों की समस्या में भी राहत देती है। १२५ मिलीग्राम अभ्रक भस्म को शहद या घी में मिलाकर रोज सुबह-शाम लेने से शरीर के अंदर की थकान और कमजोरी ऐसे खत्म होती है जैसे जंग लगे लोहे को चमका दिया गया हो। अभ्रक भस्म को आयुर्वेद में " अमर औषधि " कहा गया న है, क्योंकि यह शरीर की कोशिकाओं को उम्र के प्रभाव से बचाकर उन्हें पुनर्जीवित करने की क्षमता रखता है। १०० बार गोजातीय शुद्धिकृत अभ्रक को घिसकर दूध में बनाई गई यह भस्म फेफड़ों को इतना मजबूत बनाती है कि पुराना अस्थमा , सांस फूलना और कमजोर फेफड़ों की समस्या में भी राहत देती है। १२५ मिलीग्राम अभ्रक भस्म को शहद या घी में मिलाकर रोज सुबह-शाम लेने से शरीर के अंदर की थकान और कमजोरी ऐसे खत्म होती है जैसे जंग लगे लोहे को चमका दिया गया हो। - ShareChat