**कहानी _ महावारी**
भाग _ 9
लेखक_ श्याम कुंवर भारती
सबने हैरत से उस नौजवान हिम्मती लड़के को देख रहे थे जिसने बेधड़क और बिना डरे विधायक के मुंह पर घुसा मारा था। डॉ निर्मला भी आश्चर्य से उसे देख रही थी।आखिर उसमें इतनी हिम्मत आई कैसे ।सब यही सोचने लगे पता नहीं ये विधायक उस लड़के के साथ क्या करेगा ।
तभी उस नेता के चार पांच समर्थक जो शक्ल से ही गुंडे लग रहे थे। उस लड़के की तरफ गुस्से से आगे बढ़े ।विधायक तो अपनी नाक पकड़कर बैठ गया और गैंडे की तरह चिल्ला रहा था तोड़ दो साले की हड्डी पसली ।
लेकिन अभी उसकी बात भी पूरी नहीं हुई थी कि उन चारों को उस लड़के ने लात घुसो से मारकर जमीन पर लिटा दिया। सब उसकी फुर्ती और बहादुरी देखकर दांतों तले अंगुली दबा लिए ।उस समय वो एक फिल्म के हीरो की तरह लग रहा है।
तभी वो लपकर विधायक के पास पहुंचा और शांति से कहा _ देखिए विधायक जी मेरी आपसे कोई दुश्मनी नहीं है लेकिन यदि आप हमारी देवता समान डॉ पर हाथ उठाएंगे और उनके ही ऑफिस ने उनका अपमान करेंगे तो यह हम सब अपमान नहीं करेंगे ।
किसी से पूछ लीजिए डॉ निर्मला मैडम अपने क्षेत्र में आपकी तरह पैसा खर्च कर और गुंडागर्दी के बल पर नहीं बल्कि हम सब इनके नेक कार्यों की वजह से मनाते है।
आपने मैडम पर हाथ उठाकर अच्छा नहीं किया ।वो भी ऐसे आदमी के लिए जिसने अपनी पत्नी को जानवरों की तरह बुरी तरह मारा और पीटा जिसकी जान मैडम की वजह से ही बची है।
मैं तुमको और और तुम्हारी मैडम को बर्बाद कर दूंगा तुम मुझे जानते नहीं हो ।
अगर तुम दोनों अपनी खैरियत चाहते हो तो अभी इस डॉ को बोलो अपनी इंजुरी रिपोर्ट बदल दे वरना मैं इसकी और तुम्हारी दोनों की नौकरी खा जाऊंगा ।मैं तुझे पहचान गया हूं तुम पीएचडी विभाग में इंजीनियर हो न मै अभी तुम पर विधायक यानि जन प्रतिनिधि पर हाथ उठाने के लिए पुलिस केस कर गिरफ्तार करवाता हूं और पुलिस के डंडे से तुम्हारी हड्डियां तुड़वा दूंगा और जेल में सडा दूंगा।विधायक ने गुस्से में कहा।
उसने तुरंत फोन कर पुलिस थाना को बुला लिया था।
डॉ निर्मला ने तुरंत जिला में सिविल सर्जन को विधायक की गुंडागर्दी के बारे में जानकारी दे दिया।
सिविल सर्जन ने तुरंत डीसी और एसपी को फोन कर जानकारी देकर उस पीएचसी में तुरंत पुलिस बल भेजकर डॉ निर्मला और अपने केंद्र की सुरक्षा को सुनिश्चित करने हेतु अनुरोध किया।
उस विधायक से सभी जिला के पदाधिकारी पहले से ही चिढ़े हुए थे ।किसी को भी सरकार का धौंस दिखाकर डराने और धमकाने से बाज नहीं आता था।किसी का कही भी अपमान कर देता था।
डीसी ने तुरंत एसपी को फोन पर बात चित कर कहा एसपी साहब विधायक ने हमारी एक सरकारी डॉ को उसकी ड्यूटी के समय थप्पड़ मारा और गर्दन दबाया है और धमकाया था। आप तुरंत थाना को सूचित कर उस पीएचसी में पुलिस बल भेजे और डॉ को सुरक्षा दिलवाने का कार्य करे।
इतना ही नहीं डीसी ने तुरंत इस संबंध में राज्य सरकार के चिकित्सा सचिव ,गृह सचिव और मुख्य सचिव को भी पत्र द्वारा जानकारी दे कर उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
इधर थोड़ी ही देर में पुलिस पूरे दल बल के साथ पीएचसी पहुंच गई।पुलिस के आते ही विधायक ने उस लड़के की तरफ अंगुली दिखाते हुए कहा _ यही वो गुंडा लड़का है दरोगा इस तुरंत गिरफ्तार करो।
तभी डॉ निर्मला ने कहा _ उससे पहले मेरी शिकायत दर्ज करे प्रभारी साहब ।विधायक जी ने मुझे मेरे कार्य में बाधा पहुंचाया है।मुझ पर जानलेवा हमला किया है और मुझे बर्बाद करने की धमकी दिया है।
डॉ निर्मला की बात सुनकर उस लड़के ने तुरत कहा _ जी दरोगा जी मैडम बिल्कुल सही कह रही है।सबसे पहले मेरा बयान दर्ज कीजिए ।बाकी लोगों से भी पूछ सकते हैं।जब मैने बीच बचाव किया तो इनके कहने पर इनके लोगों ने मुझे भी मारा पीटा है।मुझे भी नौकरी से हटवाने की धमकी दे रहे हैं।
दरोगा बड़ी मुश्किल पड़ गया क्या करे क्या न करे ।एक तरफ दबंग विधायक और दूसरी तरफ एक ईमानदार महिला डॉ।
तभी उसके फोन पर किसी का फोन आया ।जी सर पर मैं मौके पर पहुंच गया हूं।उधर से कुछ कहा गया।
उसने जी सर जी सर किया और मोबाइल काट दिया।
उसने विधायक जी से कहा _ विधायक जी आपको थोड़ी देर के लिए थाना चलना पड़ेगा वहां आप अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
तुम क्या बोल रहे हो दरोगा किससे बात कर रहे हो पता है।मैं सत्तारूढ़ पार्टी का विधायक हूं ।मैं थाना नहीं जाऊंगा पहले इस लड़के को गिरफ्तार करो।
दरोगा ने कहा _ सर आप मेरी बात को समझिए आपने एक सरकारी डॉ को उसके ड्यूटी हॉवर् में थप्पड़ मारा है और डराया धमकाया है मामला बिगड़ जाएगा सर इसलिए अभी यहां से चलिए ।
ठीक है मैं चलूंगा लेकिन इस लड़के को भी गिरफ्तार करो। विधायक ने गुस्से से कहा।
दरोगा ने डॉ निर्मला से कहा _ मैडम मामले को शांत करने के लिए मुझे अभी इस लड़के को भी थाना ले जाना होगा ।आप चाहे तो आप इसे अपनी गारंटी पर रिहा करा सकती हैं।
डॉ निर्मला ने कहा _ ठीक है आप चलिए मै भी पीछे से थाना आ रही हूं लेकिन मेरी वजह से इस लड़के का बाल भी बांका नहीं होना चाहिए।
आप इत्मीनान रहे मैडम।
डॉ निर्मला ने उस नौजवान लड़के से कहा _ तुम दरोगा जी के साथ पुलिस थाना चलो पीछे से में भी आ रही हूं ।तुम चिंता मत करना तुम्हे कुछ नहीं होगा।
उस लड़के ने कहा ठीक है मैडम।
पुलिस ने वहा उपस्थित कई लोगों के बयान लिए।डॉ के अलावा बाकी मेडिकल स्टाफ का भी बयान लिया।सबने विधायक के खिलाफ ही बयान दिया।
दरोगा ने कहा _ मैडम अभी चार कांस्टेबल आपके केंद्र पर रहेंगे शांति व्यवस्था हेतु ।इतना कहकर विधायक और उस लड़के को लेकर चला गया।
सबके जाते ही उस पीएचसी के सभी स्टाफ और मरीजों में डॉ निर्मला को घेर लिया और बहुत अफसोस किया।सबने एक स्वर में कहा मैडम विधायक को बिना कसूर एक राक्षस आदमी के लिए आपके साथ इतना बुरा बर्ताव नहीं करना चाहिए था।
साथ ही सबने उस नौजवान लड़के की तारीफ भी किया और कहा कि कितना बहादुर लड़का है बिना देर किए आपको बचाने के लिए अकेले ही विधायक से भीड़ गया ।
चलिए मैडम जल्दी उस लड़के को थाना से छुड़वाकर ले आइए वरना बेचारा आपकी वजह से विधायक उसे किसी बड़ी मुसीबत में न डाल दे ।
मंजू ने कहा ।
पूजा ने पूछा मैडम आपको दर्द तो नहीं हो रहा है।
दर्द तो है आकर कोई दवा खा लूंगी पहले चलो ।
थोड़ी देर में डॉ निर्मला अपने कुछ स्टाफ को लेकर एंबुलेंस से थाना पहुंच गई ।जब वो वहां पहुंची विधायक अपने समर्थकों सहित थाना से जा चुका था ।लेकिन जाते जाते उसने इस लड़के को धमकी देते गया है।दरोगा ने बताया।
दरोगा ने बताया मैडम विधायक के खिलाफ सारे लोगों ने बयान दिया है।
अभी थोड़ी देर पहले ऊपर से फोन आया था उसे छोड़ने के लिए इसे उसे जाने दिया वरना उसे मै अंदर करने वाला था ।
ठीक है आपने ठीक ही किया ।उसे अब जिला जवाब देगा फिलहाल आप पेपर दीजिए जिसपर मुझे साइन करना है।उस लड़के को जल्दी छोड़िए ।मेरी वजह से बेकार ही झमेले में पड़ गया वरना वो तो अपनी मां के फ्रेक्चर का इलाज करवाने गया था।उसकी मां उसका घर पर इंतजार कर रही होगी।
थोड़ी ही देर में दरोगा ने डॉ से साइन करवाकर उस लड़के को छोड़ दिया। डॉ निर्मला उसे लेकर अपने केंद्र आ गई और अपने चेंबर में ले गई ।अपने एक सहायक को बोलकर चाय बिस्कुट मंगवाई।
लड़के ने कहा _ नहीं मैडम मुझे घर जाना है।काफी देर हो गई ।मेरी मां घबड़ा रही होगी और पापा भी चिन्तित होंगे ।
ठीक है चले जाना थोड़ा चाय बस्कुट ले लो फिर चले जाना ।डॉ ने उसे रोकते हुए कहा।
वो लड़का फिर मना नहीं कर पाया ।
डॉ निर्मला ने चाय पीते हुए पूछा _ तो तुम पीएचडी विभाग में इंजीनियर हो ।जी मैडम अभी मेरी तीन साल पहले नौकरी लगी थी।
उसने जवाब दिया।
घर में कौन कौन है डॉ ने पूछा।
जी मै और मेरे माता पिता ।मेरी एक बड़ी बहन भी है जिसकी शादी हो चुकी है वो ससुराल में है।अब जैसे ही उसे मां के बारे में पता चलेगा वो भागी भागी आ जाएगी।
उसने बताया
तुमने शादी नहीं किया है। डॉ ने पूछा ।
जी मैडम इस बारे में अभी नहीं सोचा है।लेकिन आपकी तरह अगर कोई सुंदर और सुशील लड़की मिल जाएगी तो जरूर सोचूंगा।
उसकी बात सुनकर निर्मला खुलकर हंसने लगी।
बाहर उसके स्टाफ की बड़ा आश्चरु हुआ मैडम इतनी बड़ी घटना के बाद भी हंस रही है।
अरे तुम क्या बोल रहे हो।मैं कहा से तुम्हे सुंदर लग रही हूं ।मैं तो अपने काम में इतनी बीजी रहती हूं कि कभी अपने बारे में सोचा ही ही नहीं।डॉ ने मुस्कुराते हुए कहा ।
अच्छा एक बात बताओ तुम को डर नहीं लगा इतने बड़े दबंग विधायक को घुसा मारते हुए ।
मुझे भी यकीन नहीं हो रहा है मैडम लेकिन जब उस गुंडे ने आप पर हाथ उठाया तो मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ ।मैं आपे से से बाहर हो गया था।उसे लड़के ने जवाब दिया।
ओह अच्छा बस यही बात थी या और कोई बात थी ।डॉ ने धीरे से पूछा।
अरे नहीं मैडम हम सब आपको भगवान मानते हैं।भला हमारे भगवान को कोई हमारे सामने अपमान करेगा तक हम कैसे छोड़ देंगे।उसने पूरे जोश में कहा।
अच्छा चलो ठीक है लेकिन अबसे उस विधायक से तुम्हे सावधान रहना होगा।डॉ ने उसे समझाते हुए कहा।
जी मैडम लेकिन मैं उससे नहीं डरता हूं मैं भी स्पोर्ट्स मैन और बॉक्सर रहा अपने कॉलेज में जो भी आयेगा घुसा मारकर उसका मुंह तोड़ दूंगा ।उसने बड़े आवेश में कहा
जब सामने आएगा तब तो अगर उसने सरकारी कार्यवाही करवा दी तब क्या करोगे। डॉ ने पूछा ।
ज़्यादा से ज्यादा क्या करेगा मैडम मुझे नौकरी से बर्खास्त करवा सकता है या ट्रांसफर करवा देगा ।आपकी दुआ से इतनी योग्यता है मै हर हाल में हर मुसीबत से लड़ सकता हूं।उसने पूरे जोश से कहा।
तभी डॉ के चेंबर में एक औरत रोती हुई आई उसके साथ उसकी मां भी थी ।उसने बताया मैडम मेरी शादी को हुए तीन साल हो गए हैं लेकिन मेरा कोई बच्चा नहीं हो रहा है।इसलिए मेरे पति ने ने मुझे घर से निकाल दिया है।अभी मैं अपने मायके में रह रही हूं ।
मेरा कुछ इलाज कीजिए डॉ साहब।
डॉ निर्मला ने कहा _ देखिए आप घबड़ाए नहीं ।फिर उसने अपनी नर्स मंजू की बुलाकर कहा _ इनको डिलीवरी तुम में ले चलो मैं अभी आती हूं ।
मंजू उस महिला को लेकर चली गई।तभी सिविल सर्जन का फोन आया ।उसने बताया तुम्हारा मामला राज्य सरकार तक चला गया है।डीसी साहब और एसपी साहब सब तुम्हारे सपोर्ट में है ।कल से जिला के सभी डॉ हड़ताल पर जाएंगे जबतक वो विधायक तुमसे माफी नहीं मांग लेता।क्योंकि इससे बाकी नेताओं का मन बढ़ेगा और डॉ सब डर और भय से काम करने को तैयार नहीं है।इसे सभी अपना अपमान मान रहे हैं।
शेष अगले भाग _ 10 में
लेखक_ श्याम कुंवर भारती
बोकारो,झारखंड
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