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*“Accountability, Reward, and Justice in Islam”* 31/3/26 #islam guide us in every field of life #points to ponder #📕 કુરાન #Quran and We #सोचने वाली बात
islam guide us in every field of life - *इस्लाम में जवाबदेही, बदला (इनाम) और न्याय * 31/3/26 *(1) Qur'an 10:41* *्यदि वे तुम्हें झुठलाते रहें, तो कह दो्ः ॰मेरे कर्मोँ काॅ फल मुझे मिलेगा (चाहें कर्मों 3R35R बमेलेगर अच्छा हा या 777? का फल् तुम्हें ব্লুদ্কাই के जिम्मेदार नहीं हो औँर मैं कर्मों के लिए जिम्मेदार नहीं *(2) Qur'an 46:19* *और हर एक के लिए उसके कर्मों के अनुसार दर्ज़े होंगे , ताकि अल्लाह उन्हें उनॅके कर्मों का पूरा बदला दे, और उन पर कोई अत्याचार न किया जाए। * *(3)৪৮ Qur'an 4:40* अल्लाह रत्ती भर भी अन्याय नहीं करता; और यदि कोई एक नेक काम हो, तो वह उसे कई गुना बढा देता है और अपनी ओर से बॅड़ा इनाम देता है।* 31/3/26 9:45 4M (0 *इस्लाम में जवाबदेही, बदला (इनाम) और न्याय * 31/3/26 *(1) Qur'an 10:41* *्यदि वे तुम्हें झुठलाते रहें, तो कह दो्ः ॰मेरे कर्मोँ काॅ फल मुझे मिलेगा (चाहें कर्मों 3R35R बमेलेगर अच्छा हा या 777? का फल् तुम्हें ব্লুদ্কাই के जिम्मेदार नहीं हो औँर मैं कर्मों के लिए जिम्मेदार नहीं *(2) Qur'an 46:19* *और हर एक के लिए उसके कर्मों के अनुसार दर्ज़े होंगे , ताकि अल्लाह उन्हें उनॅके कर्मों का पूरा बदला दे, और उन पर कोई अत्याचार न किया जाए। * *(3)৪৮ Qur'an 4:40* अल्लाह रत्ती भर भी अन्याय नहीं करता; और यदि कोई एक नेक काम हो, तो वह उसे कई गुना बढा देता है और अपनी ओर से बॅड़ा इनाम देता है।* 31/3/26 9:45 4M (0 - ShareChat