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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - 11.30 779 V20 UEilllll . 1815 ए जिन्दगी ! तू इतना उलझ गई है, तुझे सुलझाना मुश्किल है। में बदल जाता है तेरा हर रंग, पल पल तुझे किसी रंग में रंग पाना मुश्किल है। दरिया तो मिल जाती है कहीं पे सागर में, पर तुझे किसी समुंदर में मिलाना मुश्किल है।।  हम तो टूटकर मिल जाते हैं जहां में, पर तेरा टूटकर कर जुड़ पाना मुश्किल है। तू संभल जाती हैं हर ठोकर से यहां पर, पर मैं संभल जाऊं समझ पाना मुश्किल है।। तेरी राहों में मिलते है अनजाने सफर, पर उस सफर पे जाना मुश्किल है। গনভান ম; बहक जाते है कदम बहकने के बाद संभल पाना मुश्किल है।। ए जिन्दगी ! तेरा नसीब कैसा है जिसमे उनका आना मुश्किल है।  सब कुछ होगा तेरे पास भी, इस उम्मीद से उम्मीद लगाना मुश्किल है।। हम तो खामोश है तेरे साथ ही, खामोशी को समझाना मुश्किल है। पर कहीं टूट ना जाए उम्मीद का दरिया, उस दरिया को बांध पाना मुश्किल है।। ए जिन्दगी! अब ठहर जा इस पल में , मेरा कहीं पर चल पाना मुश्किल है। तुझे तो रंग दिया इतनी गहराई से , अब उसपर किसी रंग का चढ़ पाना मुश्किल है।। सोनम सिंह चौहान A Sep Edited 2, 2024 11.30 779 V20 UEilllll . 1815 ए जिन्दगी ! तू इतना उलझ गई है, तुझे सुलझाना मुश्किल है। में बदल जाता है तेरा हर रंग, पल पल तुझे किसी रंग में रंग पाना मुश्किल है। दरिया तो मिल जाती है कहीं पे सागर में, पर तुझे किसी समुंदर में मिलाना मुश्किल है।।  हम तो टूटकर मिल जाते हैं जहां में, पर तेरा टूटकर कर जुड़ पाना मुश्किल है। तू संभल जाती हैं हर ठोकर से यहां पर, पर मैं संभल जाऊं समझ पाना मुश्किल है।। तेरी राहों में मिलते है अनजाने सफर, पर उस सफर पे जाना मुश्किल है। গনভান ম; बहक जाते है कदम बहकने के बाद संभल पाना मुश्किल है।। ए जिन्दगी ! तेरा नसीब कैसा है जिसमे उनका आना मुश्किल है।  सब कुछ होगा तेरे पास भी, इस उम्मीद से उम्मीद लगाना मुश्किल है।। हम तो खामोश है तेरे साथ ही, खामोशी को समझाना मुश्किल है। पर कहीं टूट ना जाए उम्मीद का दरिया, उस दरिया को बांध पाना मुश्किल है।। ए जिन्दगी! अब ठहर जा इस पल में , मेरा कहीं पर चल पाना मुश्किल है। तुझे तो रंग दिया इतनी गहराई से , अब उसपर किसी रंग का चढ़ पाना मुश्किल है।। सोनम सिंह चौहान A Sep Edited 2, 2024 - ShareChat