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पूर्ण परमात्मा कविर्देव चारों युगों में आए हैं। सृष्टी व वेदों की रचना से पूर्व भी अनामी लोक में मानव सदृश कविर्देव नाम से विद्यमान थे। कबीर परमात्मा ने फिर सतलोक की रचना की, बाद में परब्रह्म, ब्रह्म के लोकों व वेदों की रचना की इसलिए वेदों में कविर्देव का विवरण है। #sant Ram pal Ji Mah araj
sant Ram pal Ji Mah araj - 6:18 56+ :ill 49 NR KBIS 2ా satsaheb.orghindi-m 3 Sat Saheb पह्चान గg की कबीर साहेब विस. १५७५ सन् 1518 সাঘ সম্ভীন ক্রী ঘুবল পম तिथि एकादशी को धार्मिक सामंजस्य और भाईचारे की जो विरासत छोड़कर गए हैं उसे मगहर में आज भी जीवंत रूप में देखा जा सकता है मगहर में जहाँ से कबीर जी सहशरीर मौजूद  सतलोक गए थे, वहां आज भी यादगार ٤١ कबीर , विहंसी कहयो तब तीनरै , मजार करो संभार | & तुरक नही हौ , ऐसा वचन हमार II SA News Channel Youlube fee Bunk : SANEWs Channel | @SatlokAshramNewsChannel 7951825 173M subscribers (@( 8 {[ ్ {[ಣ హ ~ು e ನ { [ +ச மooe 6:18 56+ :ill 49 NR KBIS 2ా satsaheb.orghindi-m 3 Sat Saheb पह्चान గg की कबीर साहेब विस. १५७५ सन् 1518 সাঘ সম্ভীন ক্রী ঘুবল পম तिथि एकादशी को धार्मिक सामंजस्य और भाईचारे की जो विरासत छोड़कर गए हैं उसे मगहर में आज भी जीवंत रूप में देखा जा सकता है मगहर में जहाँ से कबीर जी सहशरीर मौजूद  सतलोक गए थे, वहां आज भी यादगार ٤١ कबीर , विहंसी कहयो तब तीनरै , मजार करो संभार | & तुरक नही हौ , ऐसा वचन हमार II SA News Channel Youlube fee Bunk : SANEWs Channel | @SatlokAshramNewsChannel 7951825 173M subscribers (@( 8 {[ ్ {[ಣ హ ~ು e ನ { [ +ச மooe - ShareChat