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#🥰Express Emotion #📒 मेरी डायरी #❤️जीवन की सीख # Hindi poetry
🥰Express Emotion - "संस्कार की नींव" ज़्यादा रोकनटोक से बोझिल हो जाती है संस्कारों की नींव। हर बार कड़वी और भारी आवाज़ में खो जाता है अपनापन। हर गलती को उँगली दिखा देना संस्कार नहीं होता, संस्कार देना तो वो होता है जो पास लाए जो समझाए न कि ऐसा बोझ बने कि शब्दों की कड़वाहट से रिश्ता भीतर से खोखला होता जाए। Saloni 2026-02-09 "संस्कार की नींव" ज़्यादा रोकनटोक से बोझिल हो जाती है संस्कारों की नींव। हर बार कड़वी और भारी आवाज़ में खो जाता है अपनापन। हर गलती को उँगली दिखा देना संस्कार नहीं होता, संस्कार देना तो वो होता है जो पास लाए जो समझाए न कि ऐसा बोझ बने कि शब्दों की कड़वाहट से रिश्ता भीतर से खोखला होता जाए। Saloni 2026-02-09 - ShareChat